पाकिस्तान का इस्लामिक नाटो बनाने का प्लान। इमेज-एआई
Pakistan Sudan Defense Deal: पाकिस्तान की विदेश और रक्षा नीति फिर चर्चा में है। सऊदी अरब से शुरू हुआ उसका रक्षा समझौता तुर्की होते हुए सूडान तक पहुंच गया है। इन डील ने बहस तेज कर दी है कि क्या पाकिस्तान इस्लामिक देशों के बीच नए तरह का सैन्य गठजोड़ खड़ा करने की कोशिश में है।
पाकिस्तान ने बीते साल सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया था। यह तय हुआ था कि दोनों में से किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। दोनों मिलकर जवाबी कार्रवाई करेंगे। इस समझौते के बाद अब इसमें तुर्की के जुड़ने की अटकलें हैं। इसी वजह से इस प्रस्तावित गठजोड़ को इस्लामिक नाटो कहा जाने लगा है।
इस बीच पाकिस्तान ने अफ्रीकी देश सूडान के साथ बड़ी डिफेंस डील की है। इसके तहत पाकिस्तान सूडान को 1.5 अरब डॉलर के हथियार और फाइटर जेट बेचने वाला है। इसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या पाकिस्तान सऊदी अरब से सूडान तक इस्लामिक देशों के साथ बड़ा रक्षा गठजोड़ बनाने की कोशिश कर रहा और आने वाले समय में यह गठजोड़ किस तरह का रूप ले सकता है।
पाकिस्तान में रक्षा सामग्री के उत्पादन से जुड़े विभाग का नेतृत्व कर रहे मंत्री रजा हयात हर्राज ने कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के साथ नए समझौते की तैयारी कर रहा है। इसके तहत तुर्की और सऊदी अरब को पूरा ड्राफ्ट सौंपा जा चुका है। तीनों देश इस ड्राफ्ट पर मिलकर काम कर रहे और यह एक तरह का इस्लामिक नाटो होगा। यह समझौता सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पहले से हुई डील से अलग होगा। इस नई डील पर तीनों देशों के बीच अंतरिम सहमति बनना अभी बाकी है।
रजा हयात हर्राज ने बताया कि तीनों देशों के पास इस समझौते का एक ड्राफ्ट मौजूद है। सऊदी अरब के पास यह ड्राफ्ट तैयार है। तुर्की के पास भी यह है। पाकिस्तान के पास भी। उन्होंने कहा कि बीते 10 महीनों से इस ड्राफ्ट पर 3 देशों के बीच बातचीत चल रही।
इसी महीने की शुरुआत में खबर आई थी कि पाकिस्तान सूडान के साथ 1.5 अरब डॉलर की डिफेंस डील करने के करीब है। पाकिस्तान सूडान को फाइटर जेट और हथियार बेचेगा। पाकिस्तान यह भी चाहता है कि वह सऊदी अरब से लिए गए 2 अरब डॉलर के कर्ज को जेएफ-17 फाइटर जेट की डील में बदल दे। दोनों डील बहुत बड़ी नहीं मानी जा रहीं। मगर, पाकिस्तान इन्हें इस्लामिक उम्मा में अपनी खास पहचान बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहा है।
पाकिस्तान दुनिया का इकलौता ऐसा इस्लामिक देश है, जिसके पास परमाणु हथियार हैं। वह चाहता है कि इस ताकत का इस्तेमाल कर वह इस्लामिक देशों में एक अहम धुरी बन जाए। पाकिस्तान की सेना की प्रचार शाखा आईएसपीआर का कहना है कि इराक भी पाकिस्तान से जेएफ-17 फाइटर जेट खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा।
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चीन और पाकिस्तान मिलकर जेएफ-17 फाइटर जेट तैयार करते हैं। चीन की चेंगदु एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन इसकी तैयारी में अहम भूमिका निभाती है। पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स भी इसके निर्माण में शामिल है। जानकारी के अनुसार इस जेट का 58 फीसदी हिस्सा पाकिस्तान में बनता है। 42 फीसदी हिस्सा चीन में तैयार किया जाता है।
पाकिस्तान के लिए यह एक उपलब्धि की तरह देखा जा रहा कि वह अब कई देशों को हथियार और फाइटर जेट बेचने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले पाकिस्तान सऊदी अरब समेत कई अरब देशों की सेनाओं को ट्रेनिंग देता रहा है। अब जो हालात बन रहे हैं, उनमें पाकिस्तान का प्रयास है कि वह इस्लामिक देशों के बीच एक तरह की धुरी बन जाए। इसमें वह अपनी सुरक्षा के साथ भारत के खिलाफ एक शक्ति संतुलन बनाने की सोच भी देख रहा।
पाकिस्तान इसे सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि कमाई के तौर पर भी देख रहा। पाकिस्तान ने लीबिया में खलीफा हफ्तार ग्रुप को 4 अरब डॉलर के हथियार बेचे हैं। यह ग्रुप लीबिया में अलगाववादी माना जाता है। सूडान की सेना आरोप लगाती रही है कि खलीफा हफ्तार ग्रुप उनके खिलाफ रहा है।
हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के सामने चुनौती है कि हथियार बेचने की होड़ में वह कहीं इस्लामिक दुनिया के भीतर ही किसी एक खेमे का हिस्सा न बन जाए। भारत के मुकाबले एक इस्लामिक रक्षा गठजोड़ तैयार करने की कोशिश में जुटा पाकिस्तान यह नहीं चाहता कि उसकी कारण इस्लामिक देशों के बीच नए टकराव खड़े हो जाएं।