रूस कर सकता है परमाणु हमला! रडार पर लॉक हैं ये बड़े देश, पुतिन के सलाहकार के बयान से दुनिया में बढ़ी टेंशन
Putin Adviser Nuclear Threat: पुतिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई करागानोव ने चेतावनी दी है कि यदि रूस को हार की ओर धकेला गया तो वह जर्मनी और ब्रिटेन पर परमाणु हमला कर सकता है।
- Written By: अमन उपाध्याय
पुतिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई करागानोव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russia Ukraine War News Hindi: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई करागानोव ने दुनिया को हिला देने वाला बयान दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि जर्मनी और ब्रिटेन अब रूस की परमाणु रडार पर हैं, जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
करागानोव के अनुसार, यदि रूस को इस युद्ध में हार के करीब धकेला जाता है या उसके अस्तित्व पर संकट आता है, तो वह पारंपरिक युद्ध की सीमाओं को लांघकर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाएगा। उनके निशाने पर विशेष रूप से यूरोप की दो सबसे बड़ी ताकतें जर्मनी और ब्रिटेन हैं।
जर्मनी और ब्रिटेन ही क्यों हैं निशाने पर?
करागानोव ने कहा कि रूस को सबसे बड़ा खतरा उन्हीं यूरोपीय देशों से है जो यूक्रेन युद्ध की आग को लगातार हवा दे रहे हैं। रूस की नजर में, ब्रिटेन और जर्मनी इस युद्ध में सबसे आक्रामक भूमिका निभा रहे हैं।
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हाल ही में मॉस्को ने आधिकारिक तौर पर इन दोनों देशों को अपनी ‘अनफ्रेंडली नेशंस’ की सूची में शामिल किया है। रूस का आरोप है कि ये देश न केवल यूक्रेन को घातक सैन्य हथियार मुहैया करा रहे हैं बल्कि रूसी हितों के खिलाफ खुफिया रणनीतिक साजिशों और जासूसी में भी शामिल हैं।
आर्थिक जंग और तेल टैंकरों का विवाद
विवाद का एक बड़ा कारण रूस की अर्थव्यवस्था पर चोट करना भी है। रूस का दावा है कि ब्रिटेन, अमेरिका के साथ मिलकर रूसी तेल टैंकरों को रोकने और उन्हें ज़ब्त करने की कोशिश कर रहा है। मॉस्को इसे एक सीधी आर्थिक जंग के रूप में देखता है। करागानोव का मानना है कि ब्रिटेन पूरे यूरोप को रूस के खिलाफ उकसाने के लिए एक ‘किंगपिन’ (धुरी) की तरह काम कर रहा है।
यूरोपीय नेतृत्व पर कड़ा प्रहार
रूसी रणनीतिकार ने यूरोपीय नेताओं की समझ पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जर्मनी और ब्रिटेन का नेतृत्व एक ऐसे भ्रम में जी रहा है कि यह युद्ध कभी उनके घर तक नहीं पहुंचेगा।
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करागानोव के अनुसार, रूस ने अब तक बहुत संयम दिखाया है, लेकिन अगर यूरोपीय देशों ने अपनी दखलअंदाजी बंद नहीं की, तो रूस को कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि रूस की हार की कल्पना करना पश्चिम की सबसे बड़ी भूल होगी, क्योंकि हार की स्थिति में रूस अपने अंतिम विकल्प यानी परमाणु शक्ति का उपयोग करने के लिए तैयार है।
