ड्रोन से बरसी मौत, सूडान के सबसे बड़े तेल इलाके पर सेना का भीषण हमला; चारो ओर मचा हाहाकार

Sudan Drone Attack: सूडान के सबसे बड़े तेल केंद्र हेग्लिग के पास मंगलवार शाम बड़ा ड्रोन हमला हुआ। RSF ने दावा किया कि उसके दर्जनों लड़ाके और दक्षिण सूडान के सैनिक मारे गए। यह हमला तब हुआ जब RSF ने...
Drones rain down death, a massive military attack on Sudan's largest oil field; chaos ensues.
डान के सबसे बड़े तेल इलाके पर सेना का हमला ( फोटो, सो एआई)
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Sudan Oil Field Attack: सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच मंगलवार को सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) की ओर से हेग्लिग तेल प्रसंस्करण केंद्र के पास बड़े ड्रोन हमले की जानकारी सामने आई है। अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने दावा किया कि इस हमले में उसके दर्जनों लड़ाके और दक्षिण सूडान के कई सैनिक मारे गए। यह हमला उस समय हुआ जब RSF ने सिर्फ एक दिन पहले ही सूडान के इस महत्वपूर्ण तेल केंद्र पर बिना किसी प्रतिरोध के कब्जा किया था।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि ड्रोन हमले में सात जनजातीय नेताओं की भी मौत हो गई। RSF ने आरोप लगाया कि इस हमले में तुर्की निर्मित अकिन्जी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। RSF के बयानों के विपरीत, SAF के दो अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन हमले का निशाना सिर्फ RSF लड़ाके थे। हालांकि दोनों पक्षों ने यह स्वीकार किया कि हताहतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

लाखों नागरिक विस्थापित

दक्षिण सूडान के यूनिटी राज्य सरकार ने पुष्टि की कि तीन दक्षिण सूडानी सैनिक इस हमले में मारे गए। एक दक्षिण सूडानी सैनिक, जिसने गुमनाम रहने की शर्त पर बात की साथ ही उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि करीब 25 लोगों की मौत हुई होगी। हेग्लिग पर RSF का कब्जा उसकी हालिया सैन्य सफलताओं में से एक माना जा रहा है। इससे पहले अक्टूबर में उत्तरी दारफुर की राजधानी अल-फाशिर जो दारफुर में सेना का अंतिम बड़ा गढ़ था भी RSF के हाथों में चला गया था। संघर्ष की शुरुआत अप्रैल 2023 में हुई थी, और अब तक करीब 1.5 लाख लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लाखों नागरिक विस्थापित हो चुके हैं। कई क्षेत्रों में अकाल की स्थिति भी बन गई है।

आर्थिक संकट और गहराया

दक्षिण सूडान के कमांडर जॉनसन ओलोनी ने कहा कि हेग्लिग के कब्जे के बाद संभव है कि दक्षिण सूडानी सेना को क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए भेजा गया हो। हालांकि दक्षिण सूडान की सेना के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया। दक्षिण सूडान अपने तेल व्यापार के लिए सूडानी पाइपलाइनों पर निर्भर है और इस युद्ध ने उसके तेल उत्पादन को पहले भी कई बार बाधित किया है, जिससे उसका आर्थिक संकट और गहरा गया है।

यूनिटी राज्य के सूचना मंत्रालय ने दावा किया है कि मंगलवार तक करीब 3,900 सूडानी सैनिक दक्षिण सूडान के रूबकोना काउंटी पहुंचकर हथियार डाल चुके हैं। सरकारी टीवी पर दिखाए गए फुटेज में टैंक, बख्तरबंद वाहन और भारी तोपें भी उन हथियारों में शामिल थीं जो दक्षिण सूडान बलों को सौंपे गए। दक्षिण सूडान ने बार-बार कहा है कि वह इस संघर्ष में तटस्थ है, हालांकि उस पर RSF का समर्थन करने के आरोप लगातार लगते रहे हैं।

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