तालिबान ने पाकिस्तान के दो आर्मी पोस्ट कब्जा किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Taliban Capture Pakistani Post: अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने डूरंड लाइन के पास पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दिया है। तालिबान सेनाओं ने कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक और शोराबक जिलों में स्थित दो पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्ज़ा करने का दावा किया है। इन पोस्टों को डूरंड लाइन के नजदीक बताया गया है, जो लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का विषय रही है।
तनाव तब और बढ़ गया जब अफगान तालिबान ने रावलपिंडी स्थित नूर खान एयर बेस पर हथियारबंद ड्रोन से हमला किया। यह हमला पाकिस्तान के कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर किया गया था। नूर खान एयर बेस पहले ही संवेदनशील माना जाता रहा है, खासकर मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चली तीव्र झड़पों के बाद। उस संघर्ष के नौ महीने बाद भी बेस पर मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य जारी था। ताज़ा ड्रोन हमले ने न सिर्फ सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है, बल्कि चल रहे रिकंस्ट्रक्शन कार्य को भी नुकसान पहुंचाया है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के अनुसार, तालिबान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर “सटीक और समन्वित” हवाई अभियान चलाए। इनमें रावलपिंडी का नूर खान एयर बेस, क्वेटा (बलूचिस्तान) में 12वीं डिवीजन का मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद क्षेत्र में ख्वाजाई कैंप शामिल बताए गए हैं। मंत्रालय का दावा है कि ये कार्रवाई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर की गई।
इससे पहले तालिबान अधिकारियों ने दावा किया था कि पूर्वी अफगानिस्तान के जलालाबाद में एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। एजेंसी फ्रांस-प्रेस (AFP) की रिपो्र्ट के अनुसार, विमान का पायलट पैराशूट के जरिये उतरने के बाद ज़िंदा पकड़ा गया। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि लैंडिंग के तुरंत बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
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इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए। कंधार को तालिबान सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा का गढ़ माना जाता है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए, जबकि कई ठिकानों को नष्ट या कब्जे में लिया गया। दोनों देशों के बीच हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।