सभी नेताओं ने अपने अनुभव साझा किए और निष्कर्ष निकाला कि एसआईआर का उद्देश्य नाम जोड़ना नहीं, बल्कि टारगेटेड रूप से कुछ लोगों के नाम काटना है। नेताओं ने बिहार के उदाहरण का भी उल्लेख किया, जहां इसी तरीके का एसआईआर किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि एसआईआर और चुनाव आयोग के राजनीतिकरण (बदनियती) के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस ने यह भी बताया कि एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पाँच आदेश चुनाव आयोग के खिलाफ आए थे, क्योंकि इसमें त्रुटियाँ और बदनियती थी। चूंकि यह मुद्दा जनता के वोट काटने और वोटर का अधिकार छीनने से जुड़ा है, इसलिए इसे उठाना आवश्यक है। कांग्रेस ने देश भर में इस मुद्दे पर 5 करोड़ हस्ताक्षर अभियान भी पूरा किया है। 1 तारीख को संसद सत्र शुरू होने पर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
सभी नेताओं ने अपने अनुभव साझा किए और निष्कर्ष निकाला कि एसआईआर का उद्देश्य नाम जोड़ना नहीं, बल्कि टारगेटेड रूप से कुछ लोगों के नाम काटना है। नेताओं ने बिहार के उदाहरण का भी उल्लेख किया, जहां इसी तरीके का एसआईआर किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि एसआईआर और चुनाव आयोग के राजनीतिकरण (बदनियती) के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस ने यह भी बताया कि एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पाँच आदेश चुनाव आयोग के खिलाफ आए थे, क्योंकि इसमें त्रुटियाँ और बदनियती थी। चूंकि यह मुद्दा जनता के वोट काटने और वोटर का अधिकार छीनने से जुड़ा है, इसलिए इसे उठाना आवश्यक है। कांग्रेस ने देश भर में इस मुद्दे पर 5 करोड़ हस्ताक्षर अभियान भी पूरा किया है। 1 तारीख को संसद सत्र शुरू होने पर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा।






