Drug Syndicate in UP: उत्तर प्रदेश में पैर पसारते नशीले पदार्थों के काले कारोबार ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर मॉडल’ को खुली चुनौती देते हुए इसे चयनात्मक और भेदभावपूर्ण बताया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में कानून की कार्रवाई अपराधियों के ‘उपनाम’ देखकर तय की जा रही है।
‘बड़े भैया’ पर कार्रवाई की मांग और धनंजय सिंह का जिक्र ड्रग्स के इस पूरे गोरखधंधे में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं, जिनमें शुभम जैसवाल, अमित सिंह टाटा, आलोक सिपाही और विभोर राणा प्रमुख हैं। विपक्षी नेताओं का दावा है कि इन आरोपियों के संबंध पूर्व सांसद धनंजय सिंह से बेहद प्रगाढ़ हैं, जिन्हें वे खुद सार्वजनिक तौर पर अपना ‘छोटा भाई’ बता चुके हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि अगर इन ‘छोटे भाइयों’ के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो ‘बड़े भैया’ (धनंजय सिंह) को पूछताछ से अछूता क्यों रखा जा रहा है? विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
Drug Syndicate in UP: उत्तर प्रदेश में पैर पसारते नशीले पदार्थों के काले कारोबार ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर मॉडल’ को खुली चुनौती देते हुए इसे चयनात्मक और भेदभावपूर्ण बताया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में कानून की कार्रवाई अपराधियों के ‘उपनाम’ देखकर तय की जा रही है।
‘बड़े भैया’ पर कार्रवाई की मांग और धनंजय सिंह का जिक्र ड्रग्स के इस पूरे गोरखधंधे में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं, जिनमें शुभम जैसवाल, अमित सिंह टाटा, आलोक सिपाही और विभोर राणा प्रमुख हैं। विपक्षी नेताओं का दावा है कि इन आरोपियों के संबंध पूर्व सांसद धनंजय सिंह से बेहद प्रगाढ़ हैं, जिन्हें वे खुद सार्वजनिक तौर पर अपना ‘छोटा भाई’ बता चुके हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि अगर इन ‘छोटे भाइयों’ के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो ‘बड़े भैया’ (धनंजय सिंह) को पूछताछ से अछूता क्यों रखा जा रहा है? विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश कर रही है।






