अयोध्या के बाद अब बदरीनाथ धाम में ‘चंदा चोरी’! मंदिर समिति ने बिठाई जांच, CCTV फुटेज से होगा बड़ा खुलासा
Badrinath Temple Donation: अयोध्या राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। BKTC ने जांच समिति गठित कर कर्मचारियों से जवाब मांगा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
बदरीनाथ धाम, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Badrinath Temple Donation Scam News In Hindi: अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के आरोपों की चर्चा अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में भी चढ़ावे और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान-पुण्य में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों ने सोशल मीडिया पर भारी हलचल मचा दी है, जिसके बाद मंदिर प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है।
मंदिर समिति ने दिए जांच के आदेश
सोशल मीडिया पर मामला गर्माने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इन आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन कर्मचारियों के नाम सामने आ रहे हैं, उन्हें तलब किया गया है और उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सम्बंधित ख़बरें
16 दिन पहले बेटे की मौत, अब मां ने भी छोड़ी दुनिया… जसपाल राणा के 50वें जन्मदिन पर नहीं रही श्यामा देवी
कर्णप्रयाग मारपीट मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिखों को कोर्ट से मिली जमानत, सुनवाई रहेगी जारी
अयोध्या के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति पर भ्रष्टाचार का आरोप, RTI में सामने आईं अनियमितताएं
उत्तराखंड में फिर बड़े बवाल की आहट! पंजाब से कूच कर गया सैकड़ों निहंग सिखों का जत्था, हाई अलर्ट पर पुलिस
CCTV फुटेज की हो रही बारीकी से जांच
समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 2 जुलाई से इस मामले की शिकायतें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ फुटेज पूरी तरह साफ नहीं हैं, लेकिन फिर भी आंतरिक जांच टीम हर तकनीकी पहलू, उपलब्ध सबूतों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
अध्यक्ष ने ‘निजी सचिव’ वाले दावे पर दी सफाई
इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा यह भी किया गया था कि आरोपित कर्मचारी अध्यक्ष का ‘निजी सचिव’ है। इस दावे का खंडन करते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि BKTC का एक नियमित सरकारी कर्मचारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें।
दोषियों पर होगी 1939 के अधिनियम के तहत कार्रवाई
BKTC ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कठोर वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें:- हरिद्वार में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गांव में बवाल के बाद 9 लोग हिरासत में
मंदिर प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता मंदिर की पवित्रता और भक्तों के विश्वास को बनाए रखना है, इसलिए पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा।
