अयोध्या के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति पर भ्रष्टाचार का आरोप, RTI में सामने आईं अनियमितताएं
Badrinath Temple RTI Disclosure: राम मंदिर के बाद अब बदरी-केदार मंदिर समिति में भी भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी ने RTI से खुलासा किया है।
- Written By: अमन मौर्या
केदारनाथ धाम (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Badri-Kedar Temple Committee Corruption: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान राम मंदिर में दान चोरी मामला अभी शांत नहीं हुआ। इसी बीच अब एक और मंदिर में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ताजा मामला बदरी-केदार मंदिर समिति में कथित भ्रष्टाचार को लेकर है। वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि एक वर्ष से कम अवधि में यात्रा एवं दैनिक भत्ता के नाम पर मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने लाखों रुपये का भुगतान प्राप्त किया है। नेगी ने बताया कि यह श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन का दुरुपयोग है। उन्होंने मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है मंदिर एक्ट?
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मंदिर समिति द्वारा RTI के जवाब में दी गई जानकारी के मुताबिक, मंदिर एक्ट की धारा 26 (च) के अनुसार, समिति के सदस्य यदि मंदिर समिति से जुड़े कार्यों के लिए यात्रा करते हैं उस पर ही यात्रा भत्ता दिया जाएगा है। इस नियम के अनुसार, समिति के सदस्यों को विधायकों के जैसे ही प्रतिदिन चार रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से यात्रा भत्ता और छह हजार रुपये का दैनिक भत्ता दिया जाता है।
समिति सदस्यों पर लगाए गंभीर आरोप
इस दौरान नेगी ने समिति के सदस्यों पर आरोप लगाया कि कई मामलों में उपसमितीय बैठकों और धाम के व्यक्तिगत दौरों में भी समिति का कार्यक्रम दिखाकर भत्ता लिया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि फरवरी 2026 में बसंत पंचमी के पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के लिए नरेंद्रनगर राजमहल में आयोजित कार्यक्रम में अधिकांश सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दिखाई और उसका भुगतान भी प्राप्त किया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यह परंपरागत रूप से यह कार्यक्रम टिहरी राजपरिवार द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका मंदिर समिति से कोई संबंध नहीं होता है।
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अयोध्या में पुलिस ने की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद बदरीनाथ धाम मामले में भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी गठन के बाद मामलें में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सभी 8 आरोपियों को अदालत ने 3 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था।
