उत्तराखंड में प्रदर्शन-इनसेट में अंकिता भंडारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग को लेकर उत्तराखंड में उग्र प्रदर्शन जारी है। विभिन्न संगठनों, राजनैतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने रविवार को सीएम आवास कूच किया। इस दौरान कई बार लोगों की पुलिस के साथ नोकझोंक और धक्का मुक्की भी हुई। दूसरी तरफ काउंटर अटैक में भाजपा भी सड़क पर उतर आई है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे। साथ ही वीआईपी का नाम उजागर कर उसे सख्त सजा दिलाई जाए। लोगों ने बढ़ती महिला हिंसा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन पहले दिन से जनता ने ही लड़ा था। जनता के लड़ने की वजह से ही तीन लोग सलाखों के पीछे गए थे। अब चक्का जाम की जरूरत पड़ी तो पीछे नहीं हटना है।
रविवार को जब प्रदर्शनकारी सीएम आवास की ओर आगे बढ़े। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आक्रोशित लोगों को आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान लोगों की पुलिस से धक्का मुक्की हुई। कई लोग बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इसके बाद विभिन्न संगठनों की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को प्रवासी उत्तराखंडियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर दोषियों और वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप और हरिपाल रावत सहित अन्य वक्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई को नहीं सौंपी गई, तो दिल्ली में भाजपा मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी पर अंकिता भंडारी प्रकरण में बेवजह की राजनीति का आरोप लगाते हुए रविवार को लैंसडौन चौक पर विरोध प्रदर्शन किया।
भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के आह्वान पर महानगर कार्यालय में भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में लैंसडौन चौक तक गए और नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का पुतला फूंका। अग्रवाल ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में राज्य सरकार ने प्रारंभ से ही गंभीरता दिखाते हुए SIT का गठन किया है तथा मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच निरंतर जारी है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी तथ्यों को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से जनता के बीच भ्रम फैलाने का कार्य कर रही है, जो अत्यंत निंदनीय है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार और जांच एजेंसियां पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही हैं।
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राज्य मंत्री विनोद उनियाल ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में सीबीआई जांच चाहती है, तो उसे न्यायालय के माध्यम से इसकी मांग करनी चाहिए। महानगर अध्यक्ष महिला सुमन सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर बयानबाजी राज्य की शांत वादियों को अशांत करने का प्रयास है।