Rajasthan School Principal Viral Video: राजस्थान के बूंदी जिले से सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार और सत्ता के अहंकार को उजागर करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हिंडोली तहसील के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, हुवालिया पगारा की प्रिंसिपल पर आरोप है कि वह गरीब छात्रों और ग्रामीणों से जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और आय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले प्रति फॉर्म 200 रुपये की अवैध वसूली कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रिंसिपल कैमरे के सामने न सिर्फ ‘डोनेशन’ के नाम पर पैसों की मांग को सही ठहरा रही हैं, बल्कि विरोध करने पर बेहद आक्रामक अंदाज में खुली धमकी भी दे रही हैं। वीडियो में प्रिंसिपल को यह कहते सुना जा सकता है कि “जा बुला ले कलेक्टर, एसडीएम और मुख्यमंत्री को, मैं साइन नहीं करूंगी।” ग्रामीणों का दावा है कि छात्रवृत्ति के लिए भी कमीशन मांगा जाता है और इन पैसों की कोई आधिकारिक रसीद भी नहीं दी जाती। प्रिंसिपल के इस बेखौफ और अड़ियल रवैये ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इस खुले भ्रष्टाचार को लेकर भारी आक्रोश है और वे शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन से दोषी प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही और निलंबन की मांग कर रहे हैं।
Rajasthan School Principal Viral Video: राजस्थान के बूंदी जिले से सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार और सत्ता के अहंकार को उजागर करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हिंडोली तहसील के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, हुवालिया पगारा की प्रिंसिपल पर आरोप है कि वह गरीब छात्रों और ग्रामीणों से जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और आय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले प्रति फॉर्म 200 रुपये की अवैध वसूली कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रिंसिपल कैमरे के सामने न सिर्फ ‘डोनेशन’ के नाम पर पैसों की मांग को सही ठहरा रही हैं, बल्कि विरोध करने पर बेहद आक्रामक अंदाज में खुली धमकी भी दे रही हैं। वीडियो में प्रिंसिपल को यह कहते सुना जा सकता है कि “जा बुला ले कलेक्टर, एसडीएम और मुख्यमंत्री को, मैं साइन नहीं करूंगी।” ग्रामीणों का दावा है कि छात्रवृत्ति के लिए भी कमीशन मांगा जाता है और इन पैसों की कोई आधिकारिक रसीद भी नहीं दी जाती। प्रिंसिपल के इस बेखौफ और अड़ियल रवैये ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इस खुले भ्रष्टाचार को लेकर भारी आक्रोश है और वे शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन से दोषी प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही और निलंबन की मांग कर रहे हैं।