Raebareli Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से विकास के दावों की पोल खोलती एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। ऊंचाहार तहसील के सिंघापुर भटोली गांव में शोभ नाले पर बना पुल पिछले छह महीने से टूटा पड़ा है, जिसके कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर घुटनों तक भरे पानी को पार करने को मजबूर हैं। छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नाला पार करते हैं, जिससे हमेशा किसी बड़े हादसे या डूबने का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल न होने की वजह से उन्हें महज 600 मीटर की दूरी तय करने के लिए 5 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच से लेकर जिलाधिकारी तक गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल का निर्माण नहीं कराया गया, तो आगामी बरसात और बाढ़ के समय बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाएगी और किसी की जान भी जा सकती है। यह स्थिति न केवल प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ जैसे नारों पर भी सवालिया निशान खड़ा करती है।
Raebareli Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से विकास के दावों की पोल खोलती एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। ऊंचाहार तहसील के सिंघापुर भटोली गांव में शोभ नाले पर बना पुल पिछले छह महीने से टूटा पड़ा है, जिसके कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर घुटनों तक भरे पानी को पार करने को मजबूर हैं। छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नाला पार करते हैं, जिससे हमेशा किसी बड़े हादसे या डूबने का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल न होने की वजह से उन्हें महज 600 मीटर की दूरी तय करने के लिए 5 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच से लेकर जिलाधिकारी तक गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल का निर्माण नहीं कराया गया, तो आगामी बरसात और बाढ़ के समय बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाएगी और किसी की जान भी जा सकती है। यह स्थिति न केवल प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ जैसे नारों पर भी सवालिया निशान खड़ा करती है।