नैनीताल के रामनगर में अवैध मजारों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, तीन ढांचे ध्वस्त
Uttarakhand Update: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में बीते दिन प्रशासन ने अवैध मजारों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। ढेला-ढिकुली में बनी तीन अवैध मजारों को बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Bulldozer Action in Uttarakhand: नैनीताल में हुई यह कार्रवाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न की गई। इस एक्शन से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कुछ लोग इसे प्रशासन की सख्ती मान रहे हैं तो वहीं कुछ इसे कानून-व्यवस्था में अहम कदम बताया।
ढेला क्षेत्र के अशोका टाइगर ट्रेल और कॉर्बेट व्यू रिसॉर्ट एरिया में बनी दो मजारों और ढिकुली के ला-पर्ल रिसॉर्ट में बनी मजार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। ये सभी मजारें बिना किसी अनुमति के रिसॉर्ट परिसरों में बनी हुई थीं।
एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, वन विभाग और कोतवाली पुलिस की कंबाइंड टीम मौके पर मौजूद रही। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। एसडीएम ने बताया, “ढेला-ढिकुली क्षेत्र में अवैध रूप से बनी तीन मजारों को ध्वस्त किया गया। इनमें दो ढेला और एक ढिकुली के रिसॉर्ट परिसर में थीं। ये मजारें बिना अनुमति के कब्जा कर बनाई गई थीं।”
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जारी रहेगी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई
एसडीएम प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। भविष्य में ऐसी अवैध मजारों की जानकारी मिलने पर भी सख्ती से कार्रवाई होगी। कानून के दायरे में रहते हुए किसी को भी अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का ये साफ संदेश है कि अवैध निर्माण, खासकर धर्म की आड़ में अतिक्रमण को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
काफी समय से मिल रही थी शिकायत
इस पीले पंजे की कार्रवाई के पीछे लंबे समय से मिल रही शिकायत और अवैध धार्मिक ढांचों का बढ़ता दबदबा प्रमुख कारण बताया गया। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का समर्थन भी किया है। उनका कहना है कि कॉर्बेट पार्क के आसपास ऐसे निर्माणों से जंगलों को नुकसान पहुंच रहा है और धार्मिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है।
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उत्तराखंड के रामनगर के आसपास अन्य मजारों की भी जांच की जा रही है। वन क्षेत्र, रिसॉर्ट परिसर, नदी किनारे और संवेदनशील स्थानों पर बने अवैध ढांचों की सूची तैयार की जा रही है, जिन पर जल्द कार्रवाई संभव है।
IANS इनपुट के साथ
