बाबा बागेश्वर के एक बयान पर वृंदावन में मचा हड़कंप
Vrindavan liquor shops closed by hindu leader’s action: वृंदावन में उस वक्त माहौल गरमा गया जब हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी और उनके समर्थकों ने कई शराब की दुकानों को जबरन बंद करा दिया। यह बड़ी कार्रवाई बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा खुले मंच से की गई एक टिप्पणी के बाद हुई। शास्त्री ने वृंदावन में शराब की बिक्री पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद गाजियाबाद और दिल्ली से पहुंचे लड़कों की टीम ने दुकानों के शटर गिरवा दिए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
यह पूरा घटनाक्रम धीरेंद्र शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ के समापन के मौके पर हुआ। यह पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली से शुरू हुई थी और 16 नवंबर को वृंदावन पहुंचकर संपन्न हुई। इस यात्रा के समापन पर आयोजित सभा में बाबा बागेश्वर ने वृंदावन में शराब और कबाब की दुकानें देखने पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि इन दुकानों को या तो बंद किया जाए या फिर इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी बयान के बाद हिंदू वादी नेता और उनके तमाम के समर्थकों ने यह कदम उठाया।
वृंदावन में हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी और उनके समर्थकों ने कई शराब की दुकानों को जबरन बंद करा दिया। यह बड़ी कार्रवाई बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा खुले मंच से की गई एक टिप्पणी के बाद हुई है। pic.twitter.com/ucet5KOexJ — Sourabh Sharma (@SourabhPaliya) November 18, 2025
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने पूर्व की सरकारों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने 7 नवंबर 1966 की एक घटना का जिक्र किया, जब गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए करपात्री महाराज ने यात्रा निकाली थी और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पदयात्रियों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने इसे 1990 के अयोध्या गोलीकांड से भी जोड़ा। बाबा बागेश्वर ने कहा कि एक वो सरकार थी और एक आज की सरकार है, जिसने यात्रा को 6 हजार पुलिसकर्मियों की सुरक्षा दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुद फोन कर उनका हौसला बढ़ाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर भी इस यात्रा पर बनी रही।
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सनातन एकता पदयात्रा के मंच से धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र के फायदों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनने से साधु-संत, मठ-मंदिर और हिंदुओं की बेटियां व संपत्ति सुरक्षित रहेंगी। इसके लिए उन्होंने सभी हिंदुओं से जात-पात को भुलाकर एक होने का आह्वान किया। बाबा बागेश्वर ने कहा कि जब हिंदू एकजुट होगा तो दंगा नहीं, गंगा बहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह मुस्लिम या ईसाई विरोधी नहीं हैं, लेकिन कुछ लोग तिरंगे पर चांद देखना चाहते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं। उन्होंने धर्मांतरण वाले इलाकों में भी एक यात्रा निकालने की बात कही।