वाराणसी के लिए ऐतिहासिक फैसला! मोदी सरकार ने मंजूर किया मेगा लिंक कॉरिडोर, जानिए पूरा प्लान
Modi Cabinet Meeting Decision: मोदी कैबिनेट ने वाराणसी में ₹10,998 करोड़ की लागत से 43.2 किमी लिंक कॉरिडोर को मंजूरी दी। इससे जाम कम होगा और एनएच-31 से काशी स्टेशन का सफर 40 से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।
- Written By: अर्पित शुक्ला
नरेंद्र मोदी कैबिनेट, (फाइल फोटो )
Modi Cabinet Varanasi Link Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में भीड़ कम करने के लिए, वरुणा नदी के किनारे एनएच-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे लिंक कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी। इस प्रोजेक्ट पर कुल 10,998.32 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
कैबिनेट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस प्रोजेक्ट में मुख्य कैरिजवे, फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड वाला 6/4-लेन का अधिकतक हिस्सा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) के तहत पूरा करेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल निवेश में 4,565.33 करोड़ रुपए की सिविल कंस्ट्रक्शन लागत और 934.91 करोड़ रुपए की जमीन अधिग्रहण लागत शामिल है।
एनएच-31 से काशी रेलवे स्टेशन तक रोड
यह कॉरिडोर वाराणसी में भीड़ कम करने की योजना का एक अहम हिस्सा है। यह एनएच-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच बिना रुकावट कनेक्टिविटी देगा। साथ ही, इससे वाराणसी रिंग रोड, वाराणसी एयरपोर्ट, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी, वाराणसी के घाटों और पास के चंदौली इलाके तक पहुंच भी काफी बेहतर हो जाएगी।
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इस प्रोजेक्ट को 80-100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है और इससे एनएच-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा का समय लगभग 40 मिनट से घटकर 20 मिनट हो जाएगा। इससे शहर के रोड नेटवर्क पर भीड़ कम होगी, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, गाड़ियों को चलाने का खर्च कम होगा और यात्रियों व माल की तेजी से और बिना रुकावट आवाजाही आसान होगी।
मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को मिलेगा बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट एक इकोनॉमिक नोड (चंदौली सोशल इकोनॉमिक जोन), एक सोशल नोड (चंदौली) और छह बड़े लॉजिस्टिक्स नोड्स तक पहुंच बेहतर बनाकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। इससे पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। यह कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और खनिजों की कुशल आवाजाही को आसान बनाएगा, लॉजिस्टिक्स की क्षमता बढ़ाएगा और पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में टिकाऊ आर्थिक विकास में मदद करेगा।
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बयान में आगे कहा गया कि कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट एक आधुनिक, एक्सेस-कंट्रोल्ड शहरी ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाएगा जो कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन को मजबूत करेगा, पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, और वाराणसी के निवासियों व यहां आने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा। -एजेंसी इनपुट के साथ
