

Lucknow Kanpur Expressway Inauguration: उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के भव्य उद्घाटन के साथ एक बड़ा अध्याय जुड़ गया। सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।
इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर कहा कि उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना जहां हमारी प्राथमिकता है। वहीं, सड़क निर्माण के साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने पर भी समान ध्यान देने की जरुरत है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उद्घाटन व समीक्षा के अवसर पर दोनों नेताओं ने उत्तर प्रदेश की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण को एक अभूतपूर्व मोड़ बताया। उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और सड़क नेटवर्क पर बोलते हुए उन्होंने इस परियोजना को 'एक ऐतिहासिक उपलब्धि' करार दिया, जो उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल कर रख देगी। उन्होंने कहा कि अब लखनऊ से कानपुर 02 घंटे के बजाय केवल 35 से 45 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
इससे न केवल आम जनता को सुविधा होगी, बल्कि भारी मात्रा में ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी अब एक्सप्रेस-वे हब बन चुका है। बेहतर सड़कें उद्योगों, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए नए दरवाजे खोलेंगी। इससे राज्य में भारी निवेश आएगा। गडकरी ने योगी सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रभावी समन्वय का सकारात्मक परिणाम परियोजनाओं की प्रगति में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का मील का पत्थर बताते हुए कहा कि 'जब सड़कें बेहतर होती हैं, तो दूरियां कम होने के साथ-साथ विकास की रफ्तार भी तेज हो जाती है, निवेश के नए रास्ते खुलते हैं और आम जनजीवन में नई संभावनाएं प्रवेश करती हैं।' मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास उत्तर प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे, निर्बाध कनेक्टिविटी और तीव्र आर्थिक प्रगति के एक नए अध्याय की नींव है।
उन्होंने रेखांकित किया कि यह एक्सप्रेस-वे न केवल लखनऊ और कानपुर को जोड़ेगा, बल्कि झांसी-आगरा रूट के जरिए दिल्ली, राजस्थान व मध्य प्रदेश और वाराणसी-प्रयागराज कॉरिडोर के माध्यम से बिहार व नेपाल तक की कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार को नयी गति मिलेगी मिलेगी। 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में 10,204 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन हुआ। इसमें 9,329 किमी का निर्माण पूरा हुआ है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1.94 लाख करोड़ रुपये के निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अभूतपूर्व तेजी आई है। इसके उद्घाटन से अयोध्या से जेवर और सोनौली से प्रयागराज तक सड़क संपर्क को नई रफ्तार मिलेगी। रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग से धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी के बीच उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है और इसके माध्यम से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। इसलिए राज्य में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए सभी परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।
बैठक में चेयरमैन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया। इसमें लगभग 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं तथा 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया।
प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये व्यय किए गए, जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23,445 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी मुक्त मिट्टी की व्यवस्था, रिंग रोड एवं बाईपास परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण लागत में राज्य सरकार की भागीदारी तथा सरकारी भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने जैसे निर्णयों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है।
केंद्रीय मंत्री ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रभावी समन्वय का सकारात्मक परिणाम परियोजनाओं की प्रगति में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
बैठक में प्रदेश की प्रमुख निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि लगभग 13,980 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही मथुरा-बरेली-सितारगंज चार लेन परियोजना, लगभग 5,904 करोड़ रुपये की आगरा-अलीगढ़ चार लेन परियोजना, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, जेवर को जोड़ने वाली छह लेन संपर्क परियोजना तथा मुरादाबाद-काशीपुर चार एवं छह लेन परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। इनके पूरा होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
समीक्षा के दौरान बरेली बाईपास में वृक्षों की कटान के विषय पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वृक्षों को काटने के बजाय आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका प्रत्यारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। इस बीच पूर्वी, मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि सोनौली-गोरखपुर चार लेन परियोजना, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड तथा प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इनके पूरा होने से भारत-नेपाल सीमा, बौद्ध पर्यटन सर्किट, पूर्वांचल तथा बिहार के साथ संपर्क सुदृढ़ होगा, जबकि व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी। इसी क्रम में अयोध्या रिंग रोड की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इससे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक निर्बाध संपर्क उपलब्ध होगा और शहर में यातायात का दबाव भी कम होगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग तथा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से अयोध्या, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी, जनकपुर (नेपाल) तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।
सीएम योगी ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल सड़क संपर्क को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी। उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को नई गति देगा।
बेहतर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं समयबद्ध ढंग से पूरी होंगी और उत्तर प्रदेश आधुनिक, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।