BHU में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, NTA की जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
BHU Student Protest: काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों ने परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और NTA की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
- Reported By: धर्मेंद्र कुमार चौबे | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
BHU छात्र (सोर्स- फोटो नवभारत)
BHU Student Protest Against Exam Irregularities: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में विभिन्न परीक्षा अनियमितताओं, कथित पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली के विरोध में छात्रों और छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र परिसर से सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनाया गया, तो युवाओं का भरोसा प्रतियोगी परीक्षाओं से उठ जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की अपील की।
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आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी
छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। फिलहाल, छात्रों की मांगों और प्रदर्शन को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे इन सवालों पर सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।
