UP में एनकाउंटर पर NDA में दरार? योगी सरकार के मंत्री ने अपनी ही पुलिस पर उठाए सवाल, मचा राजनीतिक बवाल!

UP Politics: योगी सरकार में मंत्री संजय कुमार निषाद ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, लेकिन कानून का राज भी उतना ही जरूरी है।
sanjay nishad cm yogi
CM योगी, संजय निषाद
Updated on

Sanjay Nishad on Ghazipur Encounter: उत्तर प्रदेश में गाजीपुर एनकाउंटर को लेकर सियासत गरमा गई है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, लेकिन कानून का राज भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी समाज विशेष को निशाना बनाने की कोशिश हुई तो इसका राजनीतिक और सामाजिक असर दूरगामी हो सकता है।

मुख्य आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई?

प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि यदि कमलेश बिंद किसी अपराध में शामिल था तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। डॉ. निषाद ने कहा कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद मुख्य आरोपी नहीं था। ऐसे में यदि पुलिस एनकाउंटर को उचित ठहरा रही है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए और किसी भी कार्रवाई को लेकर दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।

हिरासत में मारपीट के बाद एनकाउंटर

उन्होंने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृतक की पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि परिजनों का दावा है कि हिरासत में मारपीट के बाद एनकाउंटर किया गया, तो इसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। निषाद पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि संविधान और न्याय व्यवस्था प्रत्येक आरोपी को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने का अधिकार देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में कई मामलों में अदालत परिसरों से भी गिरफ्तारी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे नागरिक अधिकारों को लेकर बहस खड़ी हो रही है।

पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर सवाल

उन्होंने गाजीपुर में एनकाउंटर के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन और तनावपूर्ण हालात को लेकर भी पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि स्थानीय स्तर पर असंतोष की आशंका थी तो खुफिया तंत्र और पुलिस व्यवस्था को पहले से सतर्क रहना चाहिए था। शव ले जाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को भी उन्होंने प्रशासनिक चूक बताया। रासुका लगाए जाने की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि कानून का उपयोग निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि पूर्व में पुलिस पर पथराव और हिंसा की अन्य घटनाओं में क्या इसी प्रकार की कार्रवाई की गई थी।

मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे मांग

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी विशेष समाज के लोगों को चुनकर कार्रवाई की जाएगी तो इससे भेदभाव का संदेश जाएगा। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि निषाद और बिंद समाज अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर संवेदनशील है तथा किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से आवाज उठाएगा। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखेंगे और आवश्यक होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

डॉ. निषाद ने अपने पुराने आंदोलनों और मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि वह स्वयं पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े अनुभवों से गुजरे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी एनकाउंटर या पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे मामलों का सीधा असर सरकार की छवि और जनता के विश्वास पर पड़ता है।

-एजेंसी इनपुट के साथ

Navbharat Live
navbharatlive.com