UP बीजेपी में नए युग की शुरुआत: पंकज चौधरी ने भरा पर्चा, CM योगी और डिप्टी CM मौर्य बने प्रस्तावक

UP BJP president: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 18वां अध्यक्ष केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को बना दिया है। उनका नामांकन CM योगी और डिप्टी CM मौर्य की मौजूदगी में दाखिल किया गया।
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यूपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए पंकज चौधरी ने नामांकन दाखिल किया (फोटो- सोशल मीडिया)
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UP BJP President Pankaj Chaudhary News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में चल रही तमाम अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने नए कप्तान के नाम पर मुहर लगा दी है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस नामांकन की सबसे खास तस्वीर तब सामने आई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य खुद उनके प्रस्तावक बने। लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई इस हलचल ने प्रदेश की सियासत में एक बड़ा संदेश दे दिया है।

पार्टी कार्यालय में नामांकन के दौरान गजब का उत्साह देखने को मिला। संगठन चुनाव प्रभारी महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि पंकज चौधरी ने कुल चार सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षक और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े विशेष रूप से मौजूद रहे। नामांकन पत्रों पर सीएम योगी और केशव मौर्य के अलावा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, दारा सिंह चौहान, एके शर्मा, केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और असीम अरुण ने भी प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है।

ओबीसी कार्ड और पीडीए की काट

पंकज चौधरी को कमान सौंपने के पीछे भाजपा की बहुत गहरी और सधी हुई रणनीति छिपी है। वह कुर्मी समाज से आते हैं जो ओबीसी वर्ग का एक बड़ा हिस्सा है। जानकारों का मानना है कि भाजपा ने यह दांव चलकर समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण की धार कुंद करने की तैयारी की है। एक ओबीसी नेता को संगठन की बागडोर देकर पार्टी ने सत्ता और संगठन के बीच जातीय संतुलन को बहुत खूबसूरती से साधा है। पंकज चौधरी का लंबा अनुभव और उनकी बेदाग छवि पार्टी को ओबीसी वोट बैंक साधने में बड़ी मदद करेगी, जो मिशन 2027 के लिए बेहद अहम है।

पूर्वांचल फतह की तैयारी

पंकज चौधरी का गृह क्षेत्र पूर्वांचल है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने पूर्वांचल के ही एक दिग्गज नेता को अध्यक्ष बनाकर उस किले को दोबारा भेदने की बिसात बिछा दी है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, चूंकि पंकज चौधरी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। अब बस 14 दिसंबर का इंतजार है, जब औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की जाएगी। यह ताजपोशी प्रदेश भाजपा में एक नए युग का आगाज है, जिसका सीधा लक्ष्य 2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करना है।

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