सीएम योगी और संभल हिंसा की तस्वीर।
UP Police News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एसपी कृष्ण विश्नोई ने संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और विदेश में छिपे कुख्यात ऑटो लिफ्टर शारिक साटा के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस शारिक साटा के मकान की कुर्की कर सकती है। संभल पुलिस पहले ही शारिक साटा की सवा दो करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। अब उसके मकान को कुर्क करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
एसआईटी ने 25 दिसंबर 2025 को नखासा थाना क्षेत्र स्थित शारिक साटा के मकान पर बीएनएस की धारा 84 के तहत नोटिस चस्पा किया था। इस नोटिस में शारिक साटा को 30 दिनों के अंदर कोर्ट या पुलिस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया था। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि तय समयसीमा में पेश नहीं होने पर मकान कुर्क कर लिया जाएगा।
पुलिस ने डुगडुगी पिटवाकर स्थानीय लोगों को मकान पर चस्पा किए गए नोटिस की जानकारी भी दी थी। वैसे, नोटिस जारी होने के 70 दिन बाद भी शारिक साटा न तो कोर्ट में पेश हुआ और न पुलिस के सामने हाजिर हुआ। सूत्रों के मुताबिक पुलिस जल्द कोर्ट से कुर्की का आदेश हासिल कर शारिक साटा के मकान को कुर्क करने की कार्रवाई कर सकती है।
संभल दंगों के मास्टरमाइंड शारिक साटा के खिलाफ संभल दंगों से जुड़े मामलों समेत 60 से अधिक संगीन मामलों में एफआईआर दर्ज है। विदेश में फरार शारिक साटा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के साथ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
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बता दें कि यह हिंसा संभल की शाही जामा मस्जिद में अदालत के आदेश पर कराए जा रहे सर्वेक्षण के दौरान भड़की थी। यह सर्वेक्षण उस दावे की जांच के लिए किया जा रहा था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर के अवशेषों पर किया गया है। 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई थी। 20 सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे। हिंसा के आरोप में 2500 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें 50 से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कई अब भी वांछित हैं।
प्रमुख आरोपी स्थानीय सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और सोहेल इकबाल समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए। वैसे, बर्क का दावा है कि वे उस समय वहां नहीं थे।