सपा सांसद जिया उर रहमान को संभल हिंसा में हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, अग्रिम कार्रवाई पर लगी रोक

Member of Parliament Zia ur Rehman : संभल हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जिया उर रहमान को राहत, मामले में अगली सुनवाई 9 सितंबर को की जाएगी। सांसद ने मामले में दाखिल चार्जशीट को चुनौति दी है।
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सपा नेता जिया उर रहमान को कोर्ट से मिली राहत (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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 Zia ur Rehman Barq Get Relief From Court: उत्तर प्रदेश के संभल इलाके में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस मामले में आरोपी बनाए गए संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क को इलाहाबाद, हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आगे की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होनी तय हुई है।

हाईकोर्ट ने निचली अदालत की अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब नौ सितंबर को होगी।

सांसद बर्क की तरफ से पूर्व अपर महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह, विनीत विक्रम और इकबाल अहमद ने पक्ष में अपनी बात रखी है। सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल कोर्ट में पेश हुए। संभल हिंसा मामले में सांसद बर्क ने दाखिल चार्जशीट को चुनौती दी है।

मामला 24 नवंबर 2024 का

संभल स्थित जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा हो गई। हिंसा के इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने अपनी याचिका में संभल के स्पेशल जज (एमपी/एमएलए)/सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है।

यह मामला 24 नवंबर 2024 (बीते वर्ष) का है, जब संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा तेजी से भड़क गई थी। घटना के बाद से ही एसआई दीपक राठी ने कोतवाली थाने में सांसद जिया उर रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। नेता पर एफआईआर में दंगा भड़काने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।

सपा सांसद ने की यह मांग

जिया उर रहमान बर्क ने अपनी याचिका में 12 जून 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट और 18 जून 2025 को संभल कोर्ट द्वारा पारित संज्ञान आदेश सहित पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने हाईकोर्ट से यह भी अपील की है कि, जब तक उनकी याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ दर्ज इस मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। इस याचिका में राज्य सरकार और एसआई दीपक राठी को प्रतिवादी बनाया गया है।

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