UP के सरकारी दफ्तरों में अब रोज करना होगा ये काम, कर्मचारियों को तनाव से मिलेगा छुटकारा
योग दिवस से पहले यूपी सरकार ने दफ्तरों में रोजाना 5–10 मिनट का 'वाई-ब्रेक योगा' शुरू करने का फैसला किया है। इससे कर्मचारियों को तनावमुक्त रखने और सेहत सुधारने में मदद मिलेगी।
- Written By: सौरभ शर्मा
यूपी के सरकारी दफ्तरों में रोज होगा वाई-ब्रेक योगा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तनाव और शारीरिक समस्याओं को कम करने के लिए नई पहल शुरू की है। अब प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में रोजाना “वाई-ब्रेक योगा” कराया जाएगा। आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार यह योग सत्र केवल 5 से 10 मिनट का होगा, लेकिन इसके जरिए कर्मचारियों को मानसिक शांति, ऊर्जा और एकाग्रता हासिल होगी। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पहले लिया गया है ताकि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा सके।
वाई-ब्रेक योगा खासतौर पर ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें गर्दन, पीठ और कमर की अकड़न दूर करने वाले हल्के योगासन, गहरी सांसें और माइंडफुलनेस तकनीकें शामिल हैं। इससे न केवल शरीर को राहत मिलती है बल्कि दिमाग भी तरोताजा होता है। सरकार का लक्ष्य है कि योग को सिर्फ आयोजन तक सीमित न रखकर लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बनाया जाए। इसके लिए तकनीक और जागरूकता दोनों का सहारा लिया जा रहा है।
डिजिटल टूल्स और एनजीओ की भी होगी भागीदारी
प्रदेश सरकार ने नमस्ते योग ऐप, वाई-ब्रेक ऐप, योगा कैलेंडर और योग शब्दावली जैसे डिजिटल टूल्स को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए व्यापक प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा। आम जनता तक योग को पहुंचाने के लिए एनजीओ के माध्यम से कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाइपी) कार्यशालाएं और ऑनलाइन ट्रेनिंग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
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योग को बनाना है हर दिन की आदत
सरकारी कर्मचारियों को रोजाना योग की आदत डालने के साथ-साथ सरकार चाहती है कि यह पहल जनता में भी असर डाले। इसलिए योग को आम मोहल्लों और कालोनियों तक पहुंचाने की योजना है। योग के जरिए सेहतमंद और प्रोडक्टिव वर्कफोर्स तैयार करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी योग की अहमियत को लेकर बयान दे चुके हैं कि “स्वस्थ शरीर और शांत मन ही अच्छे शासन की नींव हैं।”
