UP में मचे बवाल के बाद स्मार्ट मीटर लगाने पर लगी रोक, CM योगी ने दिए जांच के आदेश
UP में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। CM योगी के आदेश पर गठित जांच समिति 10 दिन में रिपोर्ट देगी। नए कनेक्शनों पर यह रोक लागू नहीं होगी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
UP News: उत्तर प्रदेश में पुराने बिजली मीटरों को फिलहाल स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला शनिवार से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक जांच समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती।
केंद्र सरकार की RDSS के तहत उपभोक्ताओं के घरों में लगे पारंपरिक मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा था। हालांकि, कई मामलों में इन मीटरों को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मोड में परिवर्तित किए जाने की शिकायतें सामने आईं, जिससे विवाद बढ़ा।
CM योगी ने जांच के आदेश दिए
स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बाद मामला योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा, जिन्होंने जांच के आदेश दिए। इसके बाद पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की है, जिसे 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव और पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल के अनुसार, जब तक समिति की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह रुकी रहेगी। इस योजना पर करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, हालांकि इसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा रहा है।
नया कनेक्शन लेने वालों को राहत नहीं
वहीं, नए बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए यह राहत लागू नहीं होगी। नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड मोड में ही दिए जाएंगे। हालांकि हाल ही में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में कहा था कि प्रीपेड या पोस्टपेड मोड का चयन उपभोक्ताओं के विकल्प पर होना चाहिए।
गौरतलब है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। इसी के बाद जांच समिति बनाई गई है, जो तकनीकी परीक्षण के आधार पर गुणवत्ता की समीक्षा करेगी।
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प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70 लाख से अधिक प्रीपेड मोड पर चल रहे हैं। लंबे समय से इन प्रीपेड मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसके चलते अब यह फैसला लिया गया है।
