- Hindi News »
- India »
- Manohar Lal Khattar Can Become The National President Of Bjp
जाति-भाषा, भाजपा और संघ…, खट्टर हो सकते हैं BJP अध्यक्ष पद के लिए पहली पसंद
भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष की खोज अभी तक जारी है, लेकिन जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा है वो मनोहर लाल खट्टर हैं। क्योंकि वो भाजप के जातिय, भाषाई और क्षेत्रीय समीकरण के लिए फिट हैं। साथ ही संघ से भी हैं।
- Written By: Saurabh Pal

मोहन भागवत, मनोहर लाल खट्टर, नरेंद्र मोदी (फोटो- नवभारत डिजाइन)
नई दिल्लीः भाजपा को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश है। ऐसी चर्चा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व संघ अभी तक कोई एक नाम तय नहीं कर पाए हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो संघ और भजापा में समन्वय स्थापित कर सके। साथ ही जातीय समीकरण भी बैठ जाए। इसके अलावा अच्छी हिंदी के अलावा दक्षिण की कोई भाषा जानता हो। इन सभी शर्तों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी मित्र व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर पूरा करते हैं। खट्टर हिंदी के साथ पंजाबी और बहुत अच्छी तमिल बोलते हैं। उनका संघ का बैकग्राउंड है और संगठन की भी समझ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाबी समुदाय से आने वाले मनोहर लाल खट्टर भाजपा के अध्यक्ष बन सकते हैं।
भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों यानी कुल 36 इकाइयों में भारतीय जनता पार्टी वर्तमान समय में 21 इकाइयों में सत्ता में है। इसका एक प्रत्यक्ष कारण प्रधानमंत्री मोदी को समझा जा सकता है, लेकिन अप्रत्यक्ष कारणों में सबसे प्रमुख है जातीय संतुलन की रणनीति है।
समीकरणों से सत्ता के शिखर पर भाजपा
सम्बंधित ख़बरें
‘राहुल का दिमाग कंट्रोल कर रहे सलाहकार’? किरेन रिजिजू ने नेता विपक्ष को सुनाई खरी-खरी
‘पुलिस अब गुंडों की जगह ले रही’, बीजेपी MLC ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; हाईकोर्ट को लिखा पत्र
असम चुनाव: ’50 लाख बीघा जमीन पर अतिक्रमण…’, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने किया चौंकाने वाला दावा; कही बड़ी बात
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले हिंसा, प्रचार के दौरान भिड़े BJP-TMC कार्यकर्ता; पुलिस समेत कई घायल
जातीय संतुलन की नीति के बल पर बीजेपी लगभग आधे से अधिक भारतीय मानचित्र को भगवा करने में सफल रही है। दिल्ली से लेकर राजस्थान, मध्य प्रदेश या फिर हरियाणा, यहां तक कि नार्थ ईस्ट के राज्यों से लेकर केंद्र शासित प्रदेशों तक बीजेपी के सभी जातियों, समुदायों और क्षेत्रीय नेतृत्व को साथ लेकर चलने के फॉर्मूले ने पार्टी को शीर्ष पर स्थापित कर दिया है। पार्टी ने एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक समुदाय, सवर्ण, सिख व अन्य क्षेत्रीय समुदायों के नेताओं को मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य प्रमुख पदों पर नियुक्त करके यह सुनिश्चित किया है कि संगठन में हर समुदाय का प्रतिनिधित्व और प्रभाव साफतौर पर नजर आए।
हालांकि, इस रणनीति में पंजाबी समुदाय अभी तक बड़े पदों पर अपेक्षाकृत कम दिखाई दिया है, लेकिन इस कमी की पूर्ति, बीजेपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से कर सकती है। संभवतः इस पद की जिम्मेदारी मनोहर लाल खट्टर को सौंपी जा सकती है, लेकिन सवाल है कि मनोहर लाल खट्टर या यूं कहें कि पंजाबी ही क्यों?
भाजपा का क्षेत्रीय और जातिय समीकरण
इस पर राजनीतिक रणनीतिकार डॉ अतुल मलिकराम का कहना है कि बीजेपी ने विभिन्न सामाजिक समूहों को साधने के लिए अपने नेतृत्व में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी है। इसका उद्देश्य न केवल विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास कायम करना है, बल्कि उनके वोट बैंक को भी मजबूत करना है। उदाहरण के लिए छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनाया गया, जो अनुसूचित जनजाति से आते हैं। वहीं मध्य प्रदेश में मोहन यादव को और हरियाणा में नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया, जो ओबीसी वर्ग से आते हैं। मध्य प्रदेश में हाल ही में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हुए हेमंत खंडेलवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दोनों ही वैश्य समाज से आते हैं। बीजेपी ने दलित समुदाय को भी प्रमुखता दी है।
‘सवर्ण समुदाय बीजेपी का फ्रंट फुट’
डॉ अतुल कहते हैं कि सवर्ण समुदाय तो बीजेपी का फ्रंट फुट रहा है, महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान में भजनलाल शर्मा दोनों ही ब्राह्मण हैं और दोनों को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की क्षत्रिय राजपूत वाली छवि तो किसी से छिपी ही नहीं है। इसके अतिरिक्त गोवा में मराठा समुदाय से आने वाले प्रमोद सावंत को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं अल्पसंख्यक समुदाय की बात की जाए तो अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू, जो बौद्ध समुदाय से हैं, को मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि बीजेपी ने मुस्लिम समुदाय को अभी तक मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर नियुक्त नहीं किया है, लेकिन अल्पसंख्यक मोर्चा जैसे संगठनों के माध्यम से इस समुदाय को जोड़ने की कोशिश जरूर की है।
खट्टर की नियुक्ति से सेट हो जाएंगे हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के समीकरण
तुल मलिकराम का कहना है कि इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि बीजेपी ने विभिन्न सामाजिक समूहों को साधने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई है। पार्टी ने न केवल जातीय समीकरणों को ध्यान में रखा, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है। वहीं पंजाबी समुदाय उत्तर भारत में एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक शक्ति रखता है। हालांकि, बीजेपी ने इस समुदाय को अभी तक बड़े पैमाने पर नेतृत्व के पदों पर कम प्रतिनिधित्व दिया है। लेकिन मनोहर लाल खट्टर, इस कमी को पूरा करने के लिए एक मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं। उनकी नियुक्ति से बीजेपी इस समुदाय को विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में साधने में सफल रह सकती है।
ये भी पढ़ें-कुरुक्षेत्र में किसानों ने खाद के लिए छेड़ा संग्राम, कृषि अधिकारी को बंधक बनाया
नरेंद्र मोदी और खट्टर ने एक साथ किया है काम
अब वही सवाल कि खट्टर ही क्यों? तो इसके कई कारण हैं, पहला खट्टर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लंबा सहयोग। 1996 में जब मोदी हरियाणा के बीजेपी प्रभारी थे तब खट्टर ने उनके साथ मिलकर काम किया था। खट्टर को मुख्यमंत्री बनाए जाने में भी मोदी की अहम भूमिका मानी जाती है। इसके अलावा खट्टर 1977 से आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और 1994 में बीजेपी में शामिल हुए। उन्होंने हरियाणा में पार्टी के संगठनात्मक महासचिव के रूप में 2014 तक काम किया। हरियाणा में गैर-जाट मुख्यमंत्री के रूप में 2014 और 2019 में पार्टी को सफलता दिलाई, जिससे जाट-गैर-जाट राजनीति में संतुलन स्थापित हो सका। इसके अतिरिक्त उनकी छवि एक शांत, निर्णायक और अनुशासित नेता की है। यह कुछ ऐसे कारण हैं जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों ही दृष्टि से खट्टर को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाते हैं।
Manohar lal khattar can become the national president of bjp
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अब Wi-Fi नहीं होगा स्लो, पुराने Android फोन से बनाएं फ्री Wi-Fi Extender, पैसे बचेंगे पक्के
Mar 27, 2026 | 03:34 AMAaj Ka Rashifal 27 March: मेष और धनु राशि वालों को मिलेगा पद-प्रतिष्ठा का वरदान; ये 3 राशियां रहें संभलकर!
Mar 27, 2026 | 12:05 AMमामूली विवाद में महिला इंजीनियर को कार से कुचला, बाप-बेटे ने सोसाइटी के बीच खेली ‘मौत की रेस’- VIDEO
Mar 26, 2026 | 10:07 PMसिर्फ थार नहीं! भारत में मौजूद हैं यह 3 रेगिस्तान; यात्रियों को मिलता है अलग तरह का डेजर्ट एक्सपीरियंस
Mar 26, 2026 | 10:07 PMIPL 2026: टूर्मामेंट शुरू होने से पहले पृथ्वी शॉ का बड़ा बयान, कहा- मुझसे गलती हुई, मैं भी इंसान हूँ
Mar 26, 2026 | 10:06 PMजयपुर में विदेशी महिला से सरेआम बदसलूकी! सेल्फी के बहाने दरिंदगी की हदें पार, वीडियो देख खौल जाएगा खून
Mar 26, 2026 | 10:00 PMजापान में भूकंप के तेज झटके, 6.2 तीव्रता से थर्राया होन्शू तट; पूरे क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
Mar 26, 2026 | 09:57 PMवीडियो गैलरी

बिहू से पहले असम की महिलाओं की चांदी, खातों में पहुंचे ₹9000; क्या 2026 के चुनावी नतीजे पलटेगी यह स्कीम?
Mar 26, 2026 | 09:51 PM
संसद में गूंजी इकरा हसन की दहाड़! विदेश नीति पर उठाए सवाल, खामेनेई का नाम लेकर PM मोदी को ललकारा
Mar 26, 2026 | 02:04 PM
बस में असिस्टेंट प्रोफेसर की गंदी करतूत! महिला ने बहादुरी से बनाया वीडियो, अब सलाखों के पीछे होंगे साहब
Mar 25, 2026 | 10:06 PM
क्या युद्ध के कारण देश में फिर लगेगा लॉकडाउन? पीएम मोदी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर मची खलबली- VIDEO
Mar 25, 2026 | 09:55 PM
फिल्म धुरंधर-2: माफी मांगो वरना…, गुरबानी और सिगरेट वाले सीन पर आर. माधवन के खिलाफ भड़का सिख समुदाय
Mar 25, 2026 | 09:33 PM
‘अब सदन में गूंजेगी हमारी आवाज’, महिला आरक्षण बिल पर मैथिली ठाकुर का बड़ा बयान; देखें यह वीडियो
Mar 25, 2026 | 09:25 PM














