यूपी कोडिन सिरप कांड में बड़ी कामयाबी: शुभम जायसवाल का ‘राइट हैंड’ विकास नरवे गिरफ्तार, नेपाल बॉर्डर से दबोचा
Codeine Syrup Smuggling UP: उत्तर प्रदेश के चर्चित कोडिन कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के मुख्य सहयोगी विकास सिंह नरवे को इंडो-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
शुभम जायसवाल का 'राइट हैंड' विकास नरवे गिरफ्तार, फोटो- सोशल मीडिया
Codeine Syrup Case UP: वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और एसटीएफ (STF) को कोडिन कफ सिरप तस्करी मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस काले धंधे के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के सबसे करीबी और ‘राइट हैंड’ कहे जाने वाले विकास सिंह नरवे को सिद्धार्थनगर के पास इंडो-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया है। विकास वही शख्स है जिसने इस अवैध कारोबार को अंतरराज्यीय स्तर पर फैलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 वर्षीय विकास सिंह नरवे इस पूरे रैकेट की सबसे अहम कड़ी था। उसने ही मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल की मुलाकात बड़े तस्करों अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह ‘सिपाही’ से करवाई थी। इन संपर्कों के माध्यम से ही कफ सिरप तस्करी का यह धंधा उत्तर प्रदेश की सीमाओं को पार कर अन्य राज्यों तक फैल गया। विकास का नाम तब प्रमुखता से चर्चा में आया जब अमित टाटा की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई।
फर्जी कंपनियों के जरिए बनाई करोड़ों की संपत्ति
आज़मगढ़ के बरदह थानाक्षेत्र के नरवे गांव का रहने वाला विकास पिछले कुछ सालों में इस धंधे के जरिए ‘सफेदपोश’ तस्कर बनकर उभरा था। उसने वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़ और जौनपुर जैसे जिलों में फर्जी नाम और पते पर कई कंपनियां खोली थीं। इन फर्जी कंपनियों की आड़ में उसने करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य साथियों के बयानों के आधार पर पुलिस काफी समय से इसकी तलाश कर रही थी।
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राजनीतिक महत्वाकांक्षा: ब्लॉक प्रमुख बनने का था सपना
अवैध धंधे से अकूत दौलत कमाने के बाद विकास नरवे की नजर अब सत्ता पर थी। अमित टाटा और आलोक की तर्ज पर विकास भी आजमगढ़ से ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी कर रहा था और आगामी चुनाव लड़ने की योजना बना चुका था। पुलिस के अनुसार, वह लखनऊ के चर्चित अजीत सिंह हत्याकांड में सामने आए आजमगढ़ के कई रसूखदार सफेदपोश लोगों का भी बेहद करीबी बताया जाता है।
यूपी के कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
विकास सिंह नरवे पर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी सहित कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और एसटीएफ की रडार पर था। जैसे ही पुलिस को उसके इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास होने के खुफिया इनपुट मिले, घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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वर्तमान में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन से बड़े नाम शामिल हैं। हाल ही में इस मामले में मुख्य सरगना शुभम जायसवाल पर शिकंजा कसते हुए प्रशासन ने उसकी 28 करोड़ की प्रॉपर्टी भी जब्त की है। विकास की गिरफ्तारी से इस सिंडिकेट के कई और राज खुलने की उम्मीद है।
