इस्तीफे के बाद बरेली सिटी मजिस्ट्रेट को बनाया गया बंधक? अलंकार अग्निहोत्री ने लगाए गंभीर आरोप, DM ने क्या कहा?

Alankar Agnihotri: अलंकार अग्निहोत्री का दावा है कि डीएम आवास पर उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया था। इस दौरान उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस आरोप का खंडन किया है।
Alankar Agnihotri claims he was held hostage at Bareilly DM residence
अलंकार अग्निहोत्री
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Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri Resign: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री अपने पद से इस्तीफा देने के बाद लगातार सुर्खियों में हैं। अब उन्होंने खुद को बंधक बनाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बरेली के डीएम आवास में उन्हें करीब 45 मिनट तक जबरन रोके रखा गया।

मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, “मुझे डीएम आवास पर बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां मुझे 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया। मैंने तुरंत सचिव महोदय को फोन कर बताया कि मुझे यहां बंधक बनाया गया है। उनकी योजना थी कि मुझे रातभर रोका जाए। जब मैंने कप्तान साहब और डीएम साहब को इस स्थिति की जानकारी दी, तब आनन-फानन में मुझे छोड़ा गया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान लखनऊ से एक कॉल आया, जिसमें उनके लिए कहा गया कि “पंडित पागल हो गया है” और फोन पर गाली-गलौज भी की गई।

डीएम अविनाश सिंह ने क्या कहा?

हालांकि, इन आरोपों को बरेली के डीएम अविनाश सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि डीएम आवास पर हुई बातचीत पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। यह चर्चा करीब 45 मिनट चली, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के कारणों को समझने का प्रयास किया गया। वहीं, एडीएम (न्यायिक) देश दीपक सिंह ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, “अलंकार अग्निहोत्री को सामान्य व्यवहार में बुलाया गया था। बातचीत के दौरान चाय, कॉफी और मिठाई भी दी गई। हम लोग उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे थे। बंधक बनाए जाने जैसी कोई घटना नहीं हुई।”

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर की बात

इस पूरे विवाद के बीच, अलंकार अग्निहोत्री ने आधी रात करीब 12:30 बजे अपना अधिकांश सामान आवास से निकाल लिया और कार से किसी अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गए। हालांकि, अभी उन्हें औपचारिक रूप से सिटी मजिस्ट्रेट का चार्ज हैंडओवर करना बाकी है, जिससे माना जा रहा है कि उन्हें एक-दो दिन और शहर में रुकना पड़ सकता है। इधर, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर अलंकार अग्निहोत्री से बातचीत की। उन्होंने कहा, “धर्म और सेवा का वास्तविक पद अब आपके लिए खुला है। समाज के प्रति आपकी जिम्मेदारी अब और भी बड़ी हो गई है।”

योगी सरकार को बताया ब्राह्मण विरोधी

इस्तीफे की वजह बताते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने यूपी सरकार पर “ब्राह्मण विरोधी” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और वृद्ध संन्यासियों के साथ दुर्व्यवहार, विशेष रूप से उनकी शिखा (चोटी) का अपमान, असहनीय है।

इसके अलावा, उन्होंने 13 जनवरी को जारी यूजीसी के नए नियमों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि “समता समिति” के माध्यम से सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ फर्जी शिकायतें और उत्पीड़न की आशंका बढ़ सकती है, जिससे उनके करियर और निजी जीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इस्तीफा भेजने के बाद उन्होंने कहा कि यह निर्णय ब्राह्मण समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए लिया गया है। उन्होंने सभी ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से अपील की कि वे तत्काल इस्तीफा देकर जनता के साथ खड़े हों।

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