

UP Board Exam Question Paper Leak : उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के तमाम दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। पल्हना स्थित मां शारदा इंटर कॉलेज में एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरी परीक्षा प्रणाली को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
यहां 12 मार्च को होने वाली इंटरमीडिएट संस्कृत की परीक्षा का प्रश्नपत्र अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों ने शुक्रवार को ही खोल दिया। हद तो तब हो गई, जब मामले को दबाने के लिए केंद्र ने रिपोर्ट भेज दी कि परीक्षा में कोई छात्र ही उपस्थित नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही यह सच सामने आया, शिक्षा विभाग के गलियारों में हलचल मच गई।
सूचना मिलते ही वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय के सचिव विनोद राय और सहायक शिक्षा निदेशक नवल किशोर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और बाह्य केंद्र व्यवस्थापक की घोर लापरवाही उजागर हुई है। अधिकारियों ने आनन-फानन में खुले हुए प्रश्नपत्रों को दोबारा सील कराकर सुरक्षित रखवाया। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने दो टूक कहा है कि तय समय से पहले पेपर खोलना नियमों का अक्षम्य उल्लंघन है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
योगी सरकार की सख्ती के बीच नकल माफियाओं के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी के दौरान 5 और सॉल्वर दबोचे गए हैं। उसके बाद अब तक कुल 11 सॉल्वर जेल भेजे जा चुके हैं। इन सभी पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत सख्त एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी का ही असर है कि नकल के भरोसे बैठने वाले परीक्षार्थियों में भारी खौफ देखा जा रहा है। तीसरे दिन की परीक्षा के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और इंटर अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों की परीक्षा के दौरान प्रदेश भर में 2,98,959 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। कड़े पहरे और सीसीटीवी की पैनी नजर के चलते करीब 3 लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ना ही मुनासिब समझा। प्रशासन इसे अपनी शुचिता की जीत मान रहा है, लेकिन पेपर पहले खुलने जैसी घटनाएं इस व्यवस्था पर दाग लगा रही हैं।