यूपी में बोर्ड परीक्षा देने पहुंचे छात्र की हार्ट अटैक से मौत, सेंटर पर मचा हड़कंप

UP Student Death At Exam Centre: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में छात्र रवि यादव की एग्जाम सेंटर पर मौत हो गई। इससे हड़कंप मच गया। वह बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचा था। सेंटर के गेट पर वह बेहोश हो गया।
Student who came to take board exam in UP dies of heart attack
एग्जाम सेंटर पर छात्र की मौत। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई
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UP Student Death News: आज के दौर में जिंदगी की डोर इतनी कच्ची हो गई है कि कब, कहां और किस मोड़ पर साथ छोड़ दे, कोई नहीं जानता। नाचते-गाते, खेलते-कूदते या अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाते युवाओं की अचानक होती मौतें समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बन गई हैं। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है, जहां बोर्ड परीक्षा देने पहुंचे 17 साल के एक छात्र की गेट पर ही मौत हो गई।

सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र का रहने वाला 12वीं का छात्र रवि यादव बुधवार (18 फरवरी) को अपने भविष्य की तैयारी के साथ गायत्री पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पहुंचा था। दूसरी पाली में हिंदी का पेपर था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही रवि ने परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर कदम रखा, अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती आशंका के अनुसार, रवि की मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

हार्ट अटैक का यह जानलेवा सिलसिला केवल परीक्षा केंद्रों तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के खरगोन से एक ऐसा ही चौंकाने वाला वीडियो सामने आया, जहां भांजे की शादी में नाच रहे 42 वर्षीय घनश्याम यादव की अचानक मौत हो गई। पत्नी के साथ मेहंदी की रस्म में थिरकते हुए घनश्याम अचानक जमीन पर गिरे और फिर कभी नहीं उठे। परिजनों ने सीपीआर (CPR) देकर उन्हें बचाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।

खेल के मैदान में भी मौत का साया

इसी तरह का एक मामला रायपुर से सामने आया, जहां बैडमिंटन खेल रहे कारोबारी अमृत बजाज कोर्ट पर ही धड़ाम से गिर पड़े। खेल के दौरान सक्रिय दिख रहे अमृत को संभलने का मौका तक नहीं मिला। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सडन कार्डियक अरेस्ट का मामला था।

विशेषज्ञों की राय

डॉक्टरों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव और साइलेंट हार्ट संबंधी बीमारियों के कारण युवाओं में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। समय रहते नियमित चेकअप और शारीरिक संकेतों को समझना अब अनिवार्य हो गया है। इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मौत किसी उम्र या वक्त की मोहताज नहीं है। सिद्धार्थनगर में रवि के परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए उसका अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन पीछे छोड़ गए कई अनुत्तरित सवाल।

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