भारत को दहलाने की साजिश: UP ATS ने आतंकिस्तान के अरमानों पर फेरा पानी, ISI के दो संदिग्ध एजेंट अरेस्ट
UP ATS ने नोएडा से ISI से जुड़े 2 संदिग्ध आतंकियों को दबोचा। मेरठ का तुषार और दिल्ली का समीर 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' बनाने और ग्रेनेड हमले की फिराक में थे। भारी हथियार बरामद।
- Written By: अर्पित शुक्ला
यूपी एटीएस ने दो आतंकियों को नोएडा से पकड़ा (Image- Social Media)
UP ATS Arrested Suspected Terrorists Noida: पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क और ISI के लिए काम करने के आरोप में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को Noida से पकड़ने के बाद लखनऊ की एटीएस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपियों के पास से .32 बोर की पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, वे भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में थे।
ATS के द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान (मेरठ निवासी) और समीर खान (नई दिल्ली निवासी) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि दोनों सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के संपर्क में थे। ये लोग ISI एजेंट बनकर कथित तौर पर भारतीय युवाओं को बरगलाने की कोशिश कर रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क
दोनों आरोपी एन्क्रिप्टेड चैनलों और कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। समीर को दीवारों पर “तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान” लिखने और नए लोगों को जोड़ने का काम दिया गया था। तुषार इंस्टाग्राम के जरिए समीर से जुड़ा और फिर दोनों ने मिलकर कथित तौर पर टारगेट की रेकी शुरू की।
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कट्टरपंथ की ओर झुकाव
जांच के मुताबिक, तुषार का झुकाव धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर बढ़ा और वह सोशल मीडिया के प्रभाव में आ गया। वह नियमित रूप से पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में था और उन्हें प्रभावित करने के लिए फर्जी अकाउंट भी बना चुका था।
हमले की साजिश और लालच
खबरों के अनुसार, शहजाद भट्टी ने तुषार को कुछ लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और हमले करने का टास्क दिया था। इसके बदले पहले 50 हजार रुपये और काम पूरा होने के बाद ढाई लाख रुपये देने का लालच दिया गया। साथ ही पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान ले जाने का झांसा भी दिया गया।
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जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि कथित ISI एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर इन दोनों को टारगेट और संसाधन उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। शुरुआती जांच में कुछ पैसे और हथियार आरोपियों तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
