नोएडा हिंसा: पाकिस्तान से हैंडल हो रहे थे सोशल मीडिया अकाउंट, VPN का इस्तेमाल कर ऐसे फैलाई गई आग
Noida Labour Protest: नोएडा हिंसा में 'पाकिस्तानी साजिश' का खुलासा! पुलिस ने बताया कैसे वीपीएन और सोशल मीडिया के जरिए भड़काई गई आग। दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
- Written By: सजल रघुवंशी
नोएडा हिंसा का पाकिस्तानी कनेक्शन (सोर्स- डीजाइन इमेज)
Noida Violence Pakistani Connection: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की गई है, जिनमें से दो रुपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी आदित्य आनंद अभी फरार है। पुलिस का कहना है कि हिंसा के दौरान ये तीनों नोएडा में मौजूद थे और श्रमिकों के बीच भड़काऊ भाषण देने के आरोप भी इन पर लगे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि मीर इलयासी और आयुषी तिवारी नाम के हैंडल पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे और वीपीएन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार लोगो में उन लोगों की संख्या ज्यादा है जो लेबर नहीं है।
सोशल मीडिया से फैलाई गई अफवाह
पुलिस जांच में सामने आया है कि हिंसा भड़काने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही। 13 अप्रैल 2026 को एक्स (ट्विटर) पर कुछ अकाउंट्स द्वारा भ्रामक जानकारी फैलाई गई, जिसमें दावा किया गया कि पुलिस फायरिंग में कई लोगों की मौत हो गई है। इस गलत सूचना से इलाके में भय और आक्रोश फैल गया, जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई। पुलिस ने बताया कि @Proudindiannavi और @Mir_Ilyas_INC जैसे अकाउंट्स के जरिए यह अफवाह फैलाई गई थी।
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हिंसा में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई
नोएडा हिंसा के दौरान भीड़ ने पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। कई लोगों को चोटें आईं और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में अब तक कुल 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो श्रमिक नहीं हैं बल्कि बाहरी उपद्रवी तत्व हैं। इसके अलावा व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए भीड़ को संगठित करने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया था, जिससे हजारों लोगों को जोड़ा गया।
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स्थिति अब नियंत्रण में
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पिछले दो दिनों से नोएडा में स्थिति शांत है और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। श्रमिकों ने भी अलग-अलग शिफ्ट में काम शुरू कर दिया है। वहीं, इस पूरे मामले की जांच में आईबी और एटीएस जैसी एजेंसियां भी जुटी हुई हैं। फरार आरोपी आदित्य आनंद की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की साजिशों को सख्ती से कुचला जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
