मंदिरों की रेकी कर भेजते थे फोटो! यूपी ATS ने खोले पाकिस्तानी कनेक्शन के तार, दो युवक गिरफ्तार

UP ATS Action: यूपी एटीएस और धौलाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बताए जा रहा है कि यह युवक पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।
UP ATS EXPOSED PAKISTANI CONNECTION
दो संदिग्ध गिरफ्तार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Shahzad Bhatti Conection Exposed: उत्तर प्रदेश एटीएस और धौलाना पुलिस ने गुरूवार को दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। दोनों संदिग्ध, अजीम राणा और आजाद राजपूत को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह दोनों सोशल मीडिया के जरिए साल 2025 के दिसंबर से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।

मिली जानकारी के मुताबिक यह दोनों आरोपी दिल्ली एनसीआर में काम करते हैं। आजाद राजपूत गुरूग्राम में पाइप की फैक्ट्री में ठेकेदार है और अजीम राणा दिल्ली में ड्राई फ्रूट्स की दुकान चलाता है। बताया जा रहा है कि इन दोनों ने मंदिर की रेकी कर फोटो पाकिस्तान भेजी हैं।

रावण मंदिर और सनातन मंदिर की भेजी फोटो

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इन दोनों ने दिल्ली के रमेश नगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सनातन मंदिर और नोएडा के बिसरख में स्थित रावण मंदिर की रेकी कर उनके वीडियो, फोटो और लोकेशन को पाकिस्तान भेजा। बताया जा रहा है कि इन दोनों आरोपियों का कनेक्शन पाकिस्तानी हैंडलर्स से था और यह दोनों सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में कम्यूनिकेट करते थे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन दोनों ने पाकिस्तान को और भी जानकारी शेयर की होगी।

क्या किसी बड़ी साजिश की चल रही थी तैयारी?

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सअप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे। उन्होंने धार्मिक स्थलों और रिहायशी इलाकों की संवेदनशील जानकारी साझा की। शहजाद भट्टी ने नोएडा के रावण मंदिर की लोकेशन व वीडियो भी भेजे। पुलिस के अनुसार इन जानकारियों का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश में किया जाना था। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

हो सकता है आईएसआईएस कनेक्शन

गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। इंटेलिजेंस ब्यूरो और एंटी टेररिज्म स्क्वाड इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के अनुसार, इस नेटवर्क के आईएसआई समर्थित होने की आशंका है, जो धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों के स्थानीय संपर्कों को खंगाल रही हैं, ताकि इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।

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