अयोध्या में विवादित ढांचा आज के दिन ही गिराया था, मस्जिद विवाद से राम मंदिर निर्माण तक का सफर जानें

6 December History: 6 दिसंबर का दिन देश के इतिहास में काफी महत्व रखता है। आज के दिन 1992 में अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर की नींव रखने के लिए विवादित ढांचा गिराया गया था।
The disputed structure in Ayodhya was demolished on this day; journey from the mosque dispute to the construction of the Ram temple
अयोध्या का विवादित ढांचा और नवनिर्मित राम मंदिर।
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Ayodhya Babri Masjid Demolition: 6 दिसंबर 1992। यह तारीख अयोध्या या यूपी के लिए नहीं पूरे भारत के लिए यादगार तिथि है। आस्था और आंदोलन की गवाह है। इसी दिन अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद के ढांचे को कारसेवकों ने गिरा दिया था। मौजूदा समय में उस स्थल पर भव्य श्रीराम मंदिर है। इन 33 वर्षों में अयोध्या की तस्वीर ही नहीं, तकदीर भी बदली। रामनगरी अब विश्व के मानचित्र पर स्थापित है। राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद यहां मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है। अयोध्या ने विकास के नए आयाम छू लिए हैं।

मंदिर-मस्जिद विवाद से निकलकर अयोध्या दशकों आगे बढ़ चुकी है। राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होते अयोध्या ने त्रेता युगीन वैभव पाया। भाजपा की डबल इंजन की सरकार अयोध्या के विकास को लेकर आगे बढ़ती रही। मंदिर निर्माण ने अयोध्या के विकास में चार चांद लगाया। आज अयोध्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यमान है।

उत्तर प्रदेश की जीडीपी में दिया अहम योगदान

अयोध्या मंदिर-मस्जिद के विवाद से बाहर निकलते हुए अपने वैभव को प्राप्त कर रही है। वहीं, 33 वर्षों में उपेक्षित अयोध्या आज विकास की नई गाथा लिखती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं ने आज अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर दिया है। देश-विदेश के पर्यटकों ने अयोध्या का रुख किया तो अयोध्या का आंचल समृद्धि से भी भरपूर हुआ। अयोध्या ने उत्तर प्रदेश की जीडीपी में अहम योगदान दिया।

धार्मिक नगरी है अयोध्या

इकबाल अंसारी का कहना है कि अयोध्या नगरी धार्मिक नगरी है। अयोध्या अब खूबसूरत है। अयोध्या बदल गई है। अयोध्या में चौड़ी सड़कें, कुंड, पार्क, मंदिर, गुरुद्वारा और चर्च हैं। इन चीजों का सुंदरीकरण किया गया है। सबकी आस्था है कि हम अयोध्या में दर्शन करेंगे। देश-दुनिया से लाखों लोग आ रहे हैं। अयोध्या नगरी को जिन लोगों ने खूबसूरत बनाया है, उनको हम धन्यवाद देते हैं। बहुत सुंदर नगरी बनकर तैयार है, चारों तरफ विकास हुआ है।

वह शौर्य दिवस था हमारा

सीताराम दास ने बताया कि 6 दिसंबर 1992 में विवादित ढांचे को ध्वस्त किया गया था। वह हमारा शौर्य दिवस था। 33 वर्षों बाद अयोध्या इस सरकार में विश्व के मानचित्र पर स्थापित हुई है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार में अयोध्या का निरंतर विकास हो रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट, पांच कोचिंग परिक्रमा का निर्माण, धर्म पथ-रामपथ का निर्माण हुआ है। लाखों लोग प्रतिदिन अयोध्या आ रहे। पूरी तरह से अयोध्या में पवित्रता है।

33 वर्षों में अयोध्या की पूरी तस्वीर बदल गई

कल्कि राम का कहना है कि 33 वर्षों में अयोध्या की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जो लोग पहले अयोध्या आते थे, वह अयोध्या की तस्वीर को देखकर आश्चर्यचकित हो रहे। भाजपा की डबल इंजन की सरकार आने के बाद अयोध्या लगातार ग्लोबल मैप पर स्थापित होता गया। आज अयोध्या में दुनिया के तमाम राष्ट्रीय अध्यक्ष आ चुके हैं। दुनियाभर के कई बड़े मेहमान भी दर्शन-पूजन कर रहे हैं। 33 वर्षों में बहुत बदलाव देखने को मिला है। महंत अवैद्यनाथ जी ने जो काम किया है, उससे आगे बढ़कर योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में काम किया है।

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