अयोध्या में रामलला ने भी मनाया मकर संक्रांति का पर्व; अर्पित की गई पतंग, सरयू में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

Makar Sankranti 2026: राम नगरी अयोध्या में मकर संक्रांति का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। रामलला को विशेष रूप से पतंग और भोग अर्पित किया गया, जबकि हजारों भक्तों ने सरयू में पवित्र डुबकी लगाई।
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रामलला ने मनाया मकर संक्रांति का पर्व, फोटो- सोशल मीडिया
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Ram Mandir Festival: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का उत्सव पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर जहाँ एक ओर सरयू तट श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा, वहीं दूसरी ओर रामलला को पतंग भेंट कर मकर संक्रांति की परंपरा को जीवंत किया गया।

राम नगरी में मकर संक्रांति का पर्व अत्यधिक भक्तिमय माहौल में शुरू हुआ। 15 जनवरी की भीषण ठंड के बावजूद, श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और सुबह 4:00 बजे से ही सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भक्तों ने पवित्र सरयू जल में आस्था की डुबकी लगाई और सूर्य देव की उपासना की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

रामलला को अर्पित की गई पतंग और विशेष भोग

मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई और पूरा वातावरण 'जय श्रीराम' के जयघोष से गुंजायमान रहा। इस पर्व की एक खास परंपरा को साकार करते हुए भक्तों की ओर से रामलला को पतंग भेंट की गई। इसके साथ ही, भगवान को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में विशेष तरह का भोग भी अर्पित किया गया। मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि इस शुभ दिन पर दर्शन के लिए रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।

दान-पुण्य और पारंपरिक अनुष्ठान

मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व माना जाता है। सरयू में स्नान के पश्चात, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने घाटों पर मौजूद जरूरतमंदों को तिल, गुड़, वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य अर्जित किया। इस पारंपरिक दान के बाद, भक्तों का रेला सीधे रामलला के दर्शन के लिए मंदिर की ओर प्रस्थान करने लगा। ठंड और कोहरे के बावजूद, राम नगरी का कोना-कोना 'सियावर रामचंद्र' के जयकारों से गूंजता रहा।

सुरक्षा के कड़े प्रबंध और प्रशासनिक सतर्कता

भक्तों की भारी संख्या और पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अयोध्या में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। सरयू के घाटों से लेकर राम मंदिर तक के मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने सुचारू आवागमन और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की थी।

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