पीलीभीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गौ-रक्षा का आह्वान, बोले- ठोस कदम नहीं उठे तो होगा बड़ा आंदोलन
Avimukteshwaranand Pilibhit Visit: पीलीभीत में 81 दिवसीय गोप्रतिष्ठा यात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा पर जोर देते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।
- Reported By: धर्मेंद्र कुमार चौबे | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (सोर्स- फोटो नवभारत)
Shankaracharya Avimukteshwaranand Statement: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 81 दिवसीय ‘गोप्रतिष्ठा (गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ यात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” के साथ गौ-रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
पीलीभीत का गौ-संस्कृति से विशेष संबंध
सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि पीलीभीत का गौ-संस्कृति से विशेष संबंध है। उन्होंने दावा किया कि महर्षि वशिष्ठ की प्रार्थना पर यहीं गोमती नदी का प्रादुर्भाव हुआ था। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि जहां गौदान संभव न हो, वहां श्रद्धापूर्वक गोमती स्नान करने से गौदान के समान पुण्य प्राप्त होता है।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि “गौ हत्या बंद हो” की आवाज को दबाना, गौ हत्या जारी रखने की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है तथा गौ-सुरक्षा को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
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वैदिक संस्कृति का मूल आधार ही गौ-रक्षा है
उन्होंने शास्त्रार्थ की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि किसी शास्त्र में गौ हत्या का समर्थन लिखा हो तो उसे सामने लाया जाए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हिंदू परंपरा, गोत्र व्यवस्था और वैदिक संस्कृति का मूल आधार ही गौ-रक्षा है।
शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गौ-सुरक्षा के मुद्दे पर जनता के साथ छल किया गया है। उन्होंने उपस्थित लोगों से संकल्प दिलाया कि वे भविष्य में गौ-सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि 3 मई से शुरू हुई यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी। यदि 24 जुलाई तक सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो लखनऊ में दो लाख से अधिक धर्म सैनिकों के साथ अगले चरण के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
