सड़कों पर दौड़ाकर पीटने वाले बयान पर बवाल, निषाद का चौटाला पर हमला; UP के मंत्री ने कर दी बड़ी मांग

UP सरकार में मंत्री संजय निषाद ने JJP नेता अजय चौटाला के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा का इस्‍तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोग समाज में भ्रम पैदा करते हैं।
Sanjay Nishad's statement vs. Ajay Chautala controversy: A huge uproar erupted over the statement about beating people by chasing them on the streets; the minister made a major demand
संजय निषाद का अजय चौटाला के बयान पर पलटवार (फोटो- सोशल मीडिया)
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Anjay Nishad Statement on Ajay Chautala: भारतीय राजनीति में जुबानी जंग अक्सर मर्यादा की सारी हदें पार कर जाती है। हाल ही में जेजेपी नेता अजय चौटाला ने एक ऐसा बयान दिया जिससे सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। उन्होंने शासकों को सड़कों पर दौड़ाकर पीटने की बात कही थी। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने अब करारा पलटवार किया है। उन्होंने न केवल इस बयान की कड़ी निंदा की है बल्कि ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी कर डाली है।

निषाद ने साफ शब्दों में कहा कि लोकतंत्र लाठी से नहीं बल्कि लोकलाज और वोट से चलता है। जनता को हर पांच साल में अपनी सरकार चुनने और गलत लोगों को सत्ता से बेदखल करने का अधिकार मिला हुआ है। उन्होंने अजय चौटाला के बयान को समाज में भ्रम और त्रासदी फैलाने वाला बताया। मंत्री ने इसे प्रो-अमेरिका वाली सोच करार देते हुए कहा कि ऐसी भाषा बोलने वालों से जनता को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि यह देश के माहौल को खराब करने की कोशिश है।

इंदौर घटना पर एक्शन

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले पर भी मंत्री ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि अभी उनके पास पूरी जानकारी नहीं है। सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और जांच चल रही है। जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को हिदायत दी गई है कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों और पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।

धर्म और आस्था का संगम

माघ मेले की चर्चा करते हुए संजय निषाद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं जो भारत जैसी देवभूमि पर जन्मे हैं। प्रयागराज का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह निषादराज का नगर है, जहां त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान विश्राम किया था। गंगा और यमुना का यह संगम हमारी सांस्कृतिक विरासत है। देश-विदेश से लोग यहां आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। इसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस गौरव को महसूस कर सकें।

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