UP में 'पंडित' पर मचा बवाल, पहली बार विवाद पर बोले सीएम योगी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

UP Politics: सीएम योगी ने “पंडित” विवाद पर बड़ा आदेश देते हुए सभी भर्ती बोर्ड्स के अध्यक्षों को कहा है कि किसी भी व्यक्ति/ जाति/ पंथ/ संप्रदाय के बारे में अमर्यादित टिप्पणी ना करें।
yogi adityanath
योगी आदित्यनाथ, (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
Published on
Updated on

UP Daroga Exam Pandit Controversy: उत्तर प्रदेश में दरोगा की परीक्षा में एक सवाल ने प्रदेश में बवाल मचा दिया है। दरअसल, 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर (दरोगा) की परीक्षा में एक सवाल पूछा गया था जिसमें "अवसर के अनुसार बदल जाने वाले" वाक्यांश के लिए विकल्पों में "पंडित", "अवसरवादी", "निष्कपट" और "सदाचारी" थे। इस सवाल में "पंडित" शब्द को विकल्प के रूप में दिए जाने पर विवाद उठ गया है। लोगों का कहना है कि इसे गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है और इससे एक विशेष वर्ग की आस्था और मर्यादा पर आघात पहुंचा है।

सीएम योगी ने किया कड़ा निर्देश

इस बढ़ते विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सभी भर्ती बोर्ड के अध्यक्षों को किसी भी जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा का सम्मान करते हुए कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि "किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था के बारे में अमर्यादित टिप्पणी न की जाए"। सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा कि इस तरह की गलतियों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का भी विरोध

इससे पहले, प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इस सवाल पर ऐतराज जताया था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आपत्ति व्यक्त करते हुए लिखा कि "पुलिस भर्ती परीक्षा में जो विवादित विकल्प दिए गए हैं, उन पर हमें कड़ी आपत्ति है"। उन्होंने यह भी कहा कि "सरकार ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है और इसे तुरंत ठीक किया जाएगा। किसी भी प्रश्न से यदि किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है, तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है"।

क्या है असल विवाद?

दरअसल, विवाद का कारण यह था कि प्रश्न के विकल्पों में "पंडित" शब्द का उपयोग किया गया था, जो कि "अवसरवादी" के पर्यायवाची के रूप में था। लोगों का मानना है कि "पंडित" शब्द का उपयोग संदिग्ध रूप से किया गया है और इसे नकारात्मक अर्थ में प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज के एक वर्ग को ठेस पहुंची है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com