यूक्रेन के पास ड्रोन हमले के बाद प्रयागराज का भारतीय क्रू मेंबर लापता, पीड़ित परिवार ने लगाई मदद की गुहार
Ukraine Drone Attack: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास जहाज पर ड्रोन हमले के बाद प्रयागराज निवासी भारतीय क्रू मेंबर लापता बताए जा रहे हैं। परिवार ने विदेश मंत्रालय और पीएमओ से मदद की अपील की है।
- Reported By: ओमप्रकाश सिंह परिहार | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
लापका भारतीय क्रू मेंबर रामचंद्र दुबे (फाइल फोटो)
Indian Seafarer Missing Ukraine Drone Attack: यूक्रेन के पास एक व्यापारी जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र के नीबी कला गांव निवासी भारतीय क्रू मेंबर रामचंद्र दुबे के लापता होने की सूचना से परिवार में चिंता का माहौल है। कंपनी की ओर से घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क कर रहे हैं।
25 जुलाई को हुआ था जहाज पर हमला
परिजनों के अनुसार, रामचंद्र दुबे एक निजी कंपनी के माध्यम से टेलीशिप मैनेजमेंट में कार्यरत थे। 25 जुलाई को उनका जहाज ओडेसा बंदरगाह के पास था, तभी उस पर ड्रोन हमला हुआ। बताया गया कि हमले के दौरान चार भारतीय क्रू मेंबर समुद्र में कूद गए। इनमें से दो को यूक्रेनी नौसेना ने सुरक्षित बचा लिया, जबकि रामचंद्र दुबे समेत दो अन्य क्रू मेंबर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
26 जुलाई को कंपनी द्वारा परिवार को दी गई जानकारी
घटना की जानकारी 26 जुलाई को कंपनी के एक कर्मचारी ने फोन के जरिए परिवार को दी। सूचना मिलते ही रामचंद्र के बड़े भाई मुकेश्वर दुबे सहित परिवार के तीन सदस्य दिल्ली पहुंचे और वहां यूक्रेन के दूतावास से संपर्क किया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और विदेश मंत्रालय से भी हस्तक्षेप कर रामचंद्र का पता लगाने और सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।
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एक साल पहले जॉइन की थी नौकरी
रामचंद्र के पिता रमेश चंद्र दुबे सेवानिवृत्त फौजी हैं। परिवार के अनुसार, रामचंद्र ने करीब एक वर्ष पहले निजी शिपिंग कंपनी में नौकरी शुरू की थी। 25 जुलाई को उन्होंने अपनी मां कल्पना दुबे से अंतिम बार बातचीत की थी। इसके बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो सका।
परिजनों का कहना है कि कंपनी और सरकारी स्तर पर अलग-अलग सूचनाएं मिल रही हैं, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल पूरा परिवार रामचंद्र की कुशलता और सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है। वहीं, प्रशासन और केंद्र सरकार से भी मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
