Prayagraj: अतीक-अशरफ की जब्त संपत्तियों का जनहित में होगा इस्तेमाल; बनेंगे अस्पताल, पार्क और आंगनबाड़ी केंद्र
Atiq-Ashraf Ahmed Assets: प्रयागराज प्रशासन ने माफिया अतीक अहमद, अशरफ और शाइस्ता परवीन की गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करीब 345 करोड़ रुपये की संपत्तियों का जनहित में उपयोग करने की योजना बनाई है।
- Reported By: ओमप्रकाश सिंह परिहार | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
अतीक-अशरफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Atiq-Ashraf Ahmed Assets In Prayagraj: माफिया अतीक अहमद, अशरफ उर्फ खालिद अजीम और शाइस्ता परवीन के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई करीब 345 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का अब जनहित में उपयोग किया जाएगा। प्रयागराज जिला प्रशासन ने इन संपत्तियों पर अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
होपिका सिंह की अध्यक्षता में बनी उच्चस्तरीय टीम
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के मुताबिक जब्त की गई संपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके जनोपयोगी इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी होपिका सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर यह तय करेगी कि किस संपत्ति का उपयोग किस सार्वजनिक परियोजना के लिए किया जाएगा।
प्रयागराज में कई संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में
प्रशासन की कार्रवाई के तहत प्रयागराज, कौशांबी और लखनऊ में स्थित मकान, व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंड, कृषि भूमि, बैंक खातों में जमा धनराशि तथा वाहनों को जब्त किया गया है। प्रयागराज के चकिया, करेली, धूमनगंज, खुल्दाबाद, कसारी-मसारी, देवघाट, सरेयां, रहीमाबाद, अकराबाद और हटवा समेत कई इलाकों की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आई हैं। इसके अलावा लखनऊ के गोमतीनगर और शेखपुर तथा कौशांबी की कई संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।
सम्बंधित ख़बरें
TGT अंग्रेजी भर्ती विवाद: आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों पर एक्शन, आयोग ने विशेषज्ञों के खिलाफ कार्रवाई के दिए संकेत
प्रयागराज की 126 शत्रु संपत्तियों पर केंद्र की नजर; नए सिरे से होगा मूल्यांकन, गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश
यमुना तट पर बदलेगी प्रयागराज की तस्वीर; 150 करोड़ के भव्य रिवर फ्रंट परियोजना से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
समान कैडर में वेतन भेदभाव नहीं चलेगा; हाईकोर्ट ने खारिज की सरकार की अपील, कहा- अलग वेतनमान देना असंवैधानिक
यह भी पढ़ें- ABVMU का बड़ा फैसला: अब डिजिटल निगरानी में होगी मेडिकल, नर्सिंग और डेंटल कॉलेजों की पढ़ाई
प्रशासन ने विभिन्न बैंकों के 13 खातों में जमा धनराशि को भी सीज किया है। हाल ही में जिला प्रशासन ने इन जब्त चल एवं अचल संपत्तियों की निगरानी और रखरखाव के लिए अलग समिति का गठन किया है। इस समिति में पीडीए के उपाध्यक्ष, एडीएम (एफआर), एडीएम (नजूल) सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल माफिया की अवैध संपत्तियों को जब्त करना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के हित में उपयोग कर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है तो वर्षों तक अपराध से जुड़ी रही ये संपत्तियां अब जनकल्याण और विकास का माध्यम बनेंगी।
