अकोला में अवैध सूदखोरी का बड़ा मामला, करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप में 12 पर केस

Illegal Money Lending: अकोला में अवैध सूदखोरी के जरिए करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र साहूकारी विनियमन अधिनियम, 2014 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
akola illegal money lending property grab case
Illegal Moneylending (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Updated on

Akola Illegal Moneylending Case : करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति अपने नाम कराने के आरोप में रामदास पेठ पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र साहूकारी विनियमन अधिनियम, 2014 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार के सहकार विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें प्रथम दृष्टया अवैध साहूकारी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, तत्कालीन उपनिबंधक, सहकारी संस्था, तहसील अकोला ने महाराष्ट्र साहूकारी विनियमन अधिनियम, 2014 की धारा 16 के तहत मामले की जांच की थी।

शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों के बयान, छापे के दौरान जब्त दस्तावेज तथा अन्य अभिलेखों की जांच के बाद 9 फरवरी 2022 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि शिकायतकर्ता संजय गावंडे की अकोला शहर स्थित नजूल शीट क्र।63बी, नजूल प्लॉट क्र।5/24 एवं 5/1 की लगभग 1,900 वर्ग फीट जमीन तथा उस पर बने दो मंजिला मकान से संबंधित 28 जुलाई 2017 की पंजीकृत इसार रसीद और 4 मार्च 2020 का पंजीकृत विक्रय पत्र अवैध कर्ज लेनदेन के माध्यम से कराया गया था।

महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई

जांच के आधार पर सहकार विभाग ने अरुण शर्मा, प्रभाकर पाठक, गजानन पाठक, मुकुंद पाठक, पवन शर्मा, अरविंद मिश्रा, डिगंबर शर्मा, अशोक शर्मा, नितिन जोशी, प्रवीण निकम, रोशन शर्मा और गोपाल शर्मा के खिलाफ महाराष्ट्र साहूकारी विनियमन अधिनियम, 2014 की धारा 39 एवं 45 के तहत मामला दर्ज करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद सरकार की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर रामदास पेठ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अवैध साहुकारों में हड़कंप

सरकारी जांच में अवैध सूदखोरी के जरिए संपत्ति अपने नाम कराने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद इस कार्रवाई से अवैध साहूकारी करने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस जांच में इस प्रकरण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com