Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • शुक्र, 17 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: शराब घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

High Court Verdict:हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े UP FIR मामले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को यह कहते हुए जमानत दी कि केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता

  • Reported By: ओमप्रकाश सिंह परिहार | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
Updated On: Jul 17, 2026 | 05:11 PM

इलाहाबाद हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

High Court Verdict In Chhattisgarh Liquor Scam: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2,161 करोड़ रुपये के कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े उत्तर प्रदेश में दर्ज एफआईआर के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी आरोपी को जमानत से वंचित नहीं किया जा सकता, जब तक उसके फरार होने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका के ठोस प्रमाण मौजूद न हों।

जमानत का उद्देश्य आरोपी को पूर्व दंड देना नहीं है

जस्टिस विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जमानत का मूल उद्देश्य मुकदमे के दौरान आरोपी की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करना है, न कि उसे पूर्व दंड देना। अदालत ने पाया कि राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई ठोस तथ्य या सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी न्याय से भाग सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।

होलोग्राम निर्माण कंपनी पर उत्तर प्रदेश में भी एफआईआर दर्ज

अभियोजन के अनुसार, निरंजन दास छत्तीसगढ़ में आबकारी आयुक्त रहते हुए राज्य की आबकारी नीति और टेंडर प्रक्रिया तैयार करने में शामिल थे। आरोप है कि नीति निर्माण के दौरान ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिससे नोएडा स्थित होलोग्राम निर्माण कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित लाभ मिला। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश में भी एफआईआर दर्ज की गई।

सम्बंधित ख़बरें

TGT भर्ती परीक्षा विवाद: हाईकोर्ट ने मांगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट, कहा- त्रुटि हो तो मूकदर्शक नहीं बन सकते

हाईकोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का फैसला, कहा- सिर्फ एक जैसे बयान से गवाह नहीं होते विश्वसनीय, 2 को किया बरी

वृद्धावस्था पेंशन पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- पात्र लाभार्थी का अधिकार नहीं छीन सकती सरकार

जस्टिस विशाल मिश्रा कॉल मामले में भाजपा विधायक संजय पाठक ने मांगी माफी, हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

ACB द्वारा की जा रही है शराब घोटाले की जांच

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस कथित शराब घोटाले की मूल जांच छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा की जा रही है। इस मामले में पहले 70 से अधिक लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं—420, 467, 468, 471 और 120-बी—के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

यह भी पढ़ें- हाईकोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का फैसला, कहा- सिर्फ एक जैसे बयान से गवाह नहीं होते विश्वसनीय, 2 को किया बरी

उत्तर प्रदेश की जांच में 22 गवाहों के नाम शामिल

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि निरंजन दास को इसी मुख्य मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही जमानत दे चुका है। साथ ही, उत्तर प्रदेश में दर्ज मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिसमें 22 गवाहों के नाम शामिल हैं। ऐसे में मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना भी कम है।

पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को दी जमानत

हाईकोर्ट ने इन सभी तथ्यों पर विचार करते हुए कहा कि राज्य यह साबित करने में असफल रहा कि आरोपी जमानत का दुरुपयोग करेगा। अदालत ने माना कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और अभियोजन पक्ष की ओर से कोई ऐसा ठोस आधार नहीं रखा गया, जिससे जमानत देने से इनकार किया जा सके। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को जमानत प्रदान कर दी।

High court grants bail former chhattisgarh excise commissioner liquor scam case

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 17, 2026 | 05:11 PM

Topics:  

  • Allahabad HC Decision
  • Allahabad High Court
  • High Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.