इलाहाबाद विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि: लगातार दूसरे वर्ष पीएचडी योजना, शोध के लिए 42.05 लाख रुपये मंजूर

Allahabad University Research: विश्वविद्यालय को लगातार दूसरे वर्ष पीएचडी योजना चरण दो के तहत सीटें मिली हैं। स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन-साइबर सिक्योरिटी में शोध के लिए 42.05 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ है
Allahabad University Gets PhD Scheme Phase II Seats for Advanced Research AI, Semiconductor-Cybersecurity
इलाहाबाद विश्वविद्यालय(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Allahabad University PhD Scheme Phase 2: इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को लगातार दूसरे वर्ष पीएचडी योजना-चरण दो के तहत सीटें प्रदान की हैं। इस योजना के माध्यम से विश्वविद्यालय में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन और साइबर सिक्योरिटी जैसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय शोध को बढ़ावा मिलेगा।

विश्वविद्यालय को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध को गति देने के लिए 42.05 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है। इससे शोधार्थियों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों के साथ शोध करने का अवसर मिलेगा।

पिछले वर्ष तीन शोधार्थियों ने लिया प्रवेश

पीएचडी योजना के तहत पिछले वर्ष इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन विभाग में तीन शोधार्थियों ने प्रवेश लिया था। आदित्य रंजन ने प्रो. आशीष खरे के निर्देशन में एआई आधारित सड़क परिवहन सुरक्षा विषय पर शोध शुरू किया है। वहीं पीयूष कुमार ने डॉ. निलेश आनंद के निर्देशन में सेमीकंडक्टर डिजिटल ट्विन, अल्ट्रा-लो-पावर सेंसर और एआई आधारित सेंसर डिजाइन पर शोध शुरू किया है।

Allahabad University Gets PhD Scheme Phase II Seats for Advanced Research AI, Semiconductor-Cybersecurity
वाराणसी में भारी बारिश का अलर्ट: कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल बंद, 6 से 12 तक बदला समय

इसी तरह सुबेदार सिंह ने डॉ. सुधाकर सिंह के निर्देशन में एआई और मशीन लर्निंग आधारित स्मार्ट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम पर शोध का कार्य शुरू किया है।

जेके इंस्टीट्यूट में होगा अत्याधुनिक शोध

योजना के तहत विश्वविद्यालय के जेके इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में शोध कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। चयनित शोधार्थियों को विदेश में शोध करने और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। इससे विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा और शोध कार्य प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा।

शोधार्थियों को मिलेगी आकर्षक फेलोशिप

योजना के तहत चयनित शोधार्थियों को पहले दो वर्षों तक एआईआरएफ सहित 53,650 रुपये प्रतिमाह और अगले तीन वर्षों तक 60,900 रुपये प्रतिमाह पीएचडी फेलोशिप मिलेगी। इसके अलावा संस्थान को इंट्रा-इंस्टीट्यूशनल ओवरहेड और शोध संबंधी खर्चों के लिए 1.25 लाख रुपये तथा 1.20 लाख रुपये प्रतिवर्ष की सहायता मिलेगी।

Allahabad University Gets PhD Scheme Phase II Seats for Advanced Research AI, Semiconductor-Cybersecurity
मेरठ में नशामुक्त गाँव अभियान: दलमपुर, मीरपुर और भदौरा में ग्रामीणों के लिए खुला मंच आयोजित

चयनित शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध का अवसर भी मिलेगा। वे विदेश की प्रयोगशालाओं में अधिकतम छह महीने तक शोध कर सकेंगे। इस अवधि में 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह फेलोशिप के साथ वीजा और यात्रा संबंधी सहायता का प्रावधान है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी के लिए भी प्रत्येक शोधार्थी को 1.50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य में योगदान

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का यह प्रयास अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के साथ ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य में योगदान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सेमीकंडक्टर और एआई जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में विश्वविद्यालय के शोध से नई तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com