इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नए छात्रों के लिए खास पहल; 84 शिक्षक बने मेंटर, शैक्षणिक समस्याओं का होगा समाधान

Prayagraj Education News: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 84 शिक्षकों को मेंटर बनाया गया है। ये शिक्षक नवप्रवेशी विद्यार्थियों की शैक्षणिक और व्यक्तिगत समस्याओं में मदद करेंगे।
Allahabad University Appoints 84 Mentors to Guide New Students in Academic Session 2026-27
इलाहाबाद विश्वविद्यालय(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Allahabad University Mentors: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल और विभागीय व्यवस्था से परिचित कराने के लिए विशेष मार्गदर्शन व्यवस्था लागू की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न विभागों और केंद्रों के 84 शिक्षकों को मेंटर नामित किया है। ये शिक्षक नवप्रवेशी छात्रों की व्यक्तिगत और शैक्षणिक समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे।

विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। सभी शिक्षकों को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित विभागों एवं केंद्रों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी व्यवस्था के तहत चयनित शिक्षकों को नवप्रवेशी छात्रों के मार्गदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेंटर नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ उनकी व्यक्तिगत और अकादमिक समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे।

विभागीय व्यवस्था समझने में मिलेगी आसानी

नए विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय की विभागीय प्रक्रियाओं, अध्ययन व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों को समझना शुरुआती दौर में चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में मेंटर छात्रों को विभाग से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे और जरूरत पड़ने पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित स्तर पर सहयोग करेंगे। इससे विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली समझने और अध्ययन में बेहतर तरीके से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

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कई विषयों के शिक्षकों को बनाया गया मेंटर

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी मेंटरों की सूची में विभिन्न विषयों के शिक्षकों को शामिल किया गया है। इसमें प्राचीन इतिहास, संस्कृत एवं पुरातत्व, मानव विज्ञान, जैव रसायन, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन, अर्थशास्त्र, शिक्षा, पर्यावरण विज्ञान, भूगोल, पत्रकारिता एवं जनसंचार, गणित, विधि, हिंदी, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, राजनीति विज्ञान, भौतिक विज्ञान, सांख्यिकी, संगीत एवं प्रदर्शन कला, समाजशास्त्र, उर्दू, दृश्य कला और प्राणी विज्ञान समेत विभिन्न विभागों और केंद्रों के शिक्षक शामिल हैं।

इस पहल का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्रों को विश्वविद्यालय में सहज वातावरण उपलब्ध कराना और शुरुआती दिनों में आने वाली शैक्षणिक व व्यक्तिगत दिक्कतों के समाधान के लिए उन्हें एक जिम्मेदार शिक्षक का सहयोग उपलब्ध कराना है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने की भी उम्मीद है।

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