हाईकोर्ट की सख्ती के बाद फर्जी डिग्री वाले 12 वकीलों पर FIR दर्ज, बार काउंसिल के सत्यापन में खुली पोल

Fake Degrees Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बार काउंसिल के सत्यापन में कथित फर्जी डिग्री मिलने पर 12 अधिवक्ताओं के खिलाफ प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
Allahabad High Court Crackdown: Cases Filed Against 12 Lawyers Over Alleged Fake Degrees
इलाहाबाद हाईकोर्ट(सोर्स- सोशल मीडिया)
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FIR Against Lawyers With Fake Degrees: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद फर्जी शैक्षिक डिग्री के आधार पर वकालत करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। अलग-अलग विश्वविद्यालयों से फर्जी डिग्री हासिल कर बार काउंसिल में पंजीकरण कराने के आरोप में प्रदेश के 12 अधिवक्ताओं के खिलाफ प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

बार काउंसिल के सत्यापन में सामने आया फर्जीवाड़ा

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बार काउंसिल ऑफ यूपी में पंजीकृत अधिवक्ताओं की शैक्षिक डिग्रियों का सत्यापन कराया जा रहा था। सत्यापन के दौरान 12 अधिवक्ताओं की डिग्रियां संदिग्ध और फर्जी पाई गईं। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ यूपी के सचिव आरके शुक्ला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई

हाईकोर्ट इलाहाबाद की ओर से तीन जून 2026 को इस संबंध में आदेश दिया गया था। आदेश के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के बार काउंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस (वेरिफिकेशन) रूल्स, 2015 के तहत अधिवक्ताओं की डिग्रियों और प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया। जांच में फर्जी डिग्री पाए जाने के बाद संबंधित अधिवक्ताओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की गई।

इन जिलों के अधिवक्ता आरोपी

मुकदमे में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा और गाजियाबाद समेत नौ जिलों के अधिवक्ताओं के नाम शामिल हैं। आरोपितों में पूर्व महापौर और भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष श्याम सिंघल तथा भाजयुमो के प्रदेश मंत्री पवन हिंडोल का नाम भी बताया गया है।

12 अधिवक्ताओं के नाम

  1. सत्यम मिश्रा, प्रतापगढ़- 2018 में गुरु गोविंद सिंह टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, हरियाणा से डिग्री लेने का उल्लेख

  2. देवेश कुमार, गोरखपुर- 2016 में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ से डिग्री

  3. पंकज कुमार, कानपुर- शारदा विश्वविद्यालय, मेरठ से डिग्री

  4. जय नारायण कटियार, कानपुर- स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से डिग्री

  5. सुनील अवस्थी, लखनऊ

  6. शोभित यादव, हरदोई

  7. नफीस अहमद, गौतमबुद्धनगर

  8. श्याम सिंघल, मथुरा

  9. पवन हिंडोल, मथुरा

  10. दीपक कश्यप, सहारनपुर

  11. नफीजुल हसन, लखनऊ

  12. अभय सक्सेना, गाजियाबाद

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रिपोर्ट के अनुसार इन आरोपितों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, प्रतापगढ़, हरदोई, गोरखपुर, मथुरा और गाजियाबाद से संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब संबंधित विश्वविद्यालयों से डिग्री और प्रमाणपत्रों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ पूरे मामले की जांच कर रही है।

फर्जी डिग्री पर हाईकोर्ट सख्त

फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराने का मामला न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बार काउंसिल स्तर पर हुए सत्यापन में सामने आए मामलों पर अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर ऐसे और मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

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