हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर लगाई रोक; UP सरकार से मांगा जवाब, FIR रद्द करने पर 3 हफ्ते बाद सुनवाई

Afzal Ansari News: गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। तीन मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग पर तीन सप्ताह बाद सुनवाई होगी।
Afzal Ansari Gets Relief from Allahabad High Court, Arrest Stayed in Three Cases
अफजाल अंसारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Stay Order On Afzal Ansari Arrest: गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां गायब होने और लाइसेंस के कथित दुरुपयोग से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हालांकि अदालत ने अभी एफआईआर रद्द करने का आदेश नहीं दिया है।

इस मांग पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। सोमवार को जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जेके उपाध्याय की डिवीजन बेंच ने मामलों की सुनवाई की। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं अफजाल अंसारी के अधिवक्ता को काउंटर के जवाब में एक सप्ताह के भीतर रिज्वाइंडर दाखिल करने को कहा गया है।

तीन मुकदमों में मिली गिरफ्तारी से राहत

अफजाल अंसारी के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। ये मुकदमे अपराध संख्या 535, 551 और 554 हैं। पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में आईपीसी की धारा 409, 120बी और 419 के साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं 21, 25 और 30 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

याचिका में अफजाल अंसारी की ओर से इन तीनों एफआईआर को रद्द करने और कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। अदालत ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत दी है।

डीएम कार्यालय से लाइसेंस की पत्रावलियां गायब होने का मामला

मामलों का संबंध अफजाल अंसारी के नाम स्वीकृत तीन अलग-अलग शस्त्र लाइसेंसों की पत्रावलियों से बताया गया है। आरोप है कि इन लाइसेंसों से संबंधित पत्रावलियां गाजीपुर के डीएम कार्यालय से गायब हो गई थीं। इसी मामले को लेकर तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं।

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सुनवाई के दौरान अफजाल अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी कि जिन पत्रावलियों के गायब होने को लेकर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, वे वर्ष 1983 से 1987 के बीच की हैं, जबकि संबंधित एफआईआर 2026 में दर्ज की गई हैं। उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि लाइसेंस की पत्रावलियां डीएम कार्यालय की कस्टडी में थीं और उनके गायब होने में अफजाल अंसारी की कोई भूमिका नहीं है।

अगली सुनवाई पर एफआईआर रद्द करने की मांग पर बहस

हाईकोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी से राहत देते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अब तीन सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई में एफआईआर रद्द करने की मांग पर आगे बहस होगी। फिलहाल अदालत के आदेश से अफजाल अंसारी को इन तीन मामलों में गिरफ्तारी का तत्काल खतरा टल गया है।

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