
सीएम योगी व मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर मेहता (सोर्स- सोशल मीडिया)
Software Engineer Death Case: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली SIT बनाई है। उन्होंने SIT को पांच दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
इस मामले में नोएडा अथॉरिटी के CEO पर भी कार्रवाई हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम. को हटा दिया है। इस मामले में सीएम योगी के सीधे एक्शन में आने के बाद कई अन्य दिग्गजों के ऊपर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
मेरठ के डिविजनल कमिश्नर की अगुवाई में बनी SIT टीम पूरे मामले की जांच करेगी। मेरठ के डिविजनल कमिशनर के अलावा, SIT टीम में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस मेरठ ज़ोन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर शामिल हैं। उन्हें जांच पूरी करके पांच दिनों के अंदर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath takes cognisance of the Greater Noida car accident. On the CM’s instructions, a three-member SIT, under the leadership of the ADG, Meerut Zone, has been constituted to investigate the incident. Divisional Commissioner Meerut and the Chief Engineer… — ANI (@ANI) January 19, 2026
इस घटना के बारे में सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी भी लेवल पर कोई लापरवाही या गलती पाई जाती है, तो ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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गौरतलब है कि 16 जनवरी को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में प्रशासनिक लापरवाही और अनदेखी के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान चली गई थी। घने कोहरे के कारण रात के अंधेरे में युवराज मेहता की कार एक खुले नाले में गिर गई थी। युवराज घंटों मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।






