गुरु पूर्णिमा पर प्रेमानंद महाराज का भव्य स्वागत; गुलाब की पंखुड़ियों से सजा मार्ग, राधे-राधे से गूंजा वृंदावन
Sant Premanand Maharaj: गुरु पूर्णिमा पर संत प्रेमानंद महाराज का श्रद्धालुओं ने गुलाब की पंखुड़ियों से पथ सजाकर स्वागत किया। अपने गुरु गौरांगी महाराज की पूजा करने वे यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचे थे।
- Reported By: मोहन श्याम शर्मा | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
प्रेमानंद महाराज का भव्य (सोर्स- फोटो नवभारत)
Sant Premanand Maharaj Welcome In Vrindavan: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज का उनके शिष्यों और श्रद्धालुओं ने भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया। सुबह अपने गुरु का विधिवत पूजन करने और श्रीराधा केली कुंज में हजारों भक्तों को दर्शन देने के बाद जब संत प्रेमानंद यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचे, तो भक्तों ने उनके स्वागत के लिए गुलाब की पंखुड़ियों का विशेष बिछौना तैयार किया।
गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज
बुधवार सुबह लगभग छह बजे संत प्रेमानंद बाराहघाट स्थित अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे जहां उन्होंने गुरु परंपरा का पालन करते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ अपने गुरु का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद वह श्रीराधा केली कुंज पहुंचे, जहां सुबह से ही हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए एकत्र थे। संत प्रेमानंद ने भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया।
मार्गों पर बिछाए गए गुलाब की पंखुड़ियां
करीब 11 बजे संत प्रेमानंद यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचे। यहां उनके स्वागत की विशेष तैयारियां पहले से की गई थीं। जैसे ही उनका वाहन आश्रम परिसर में पहुंचा, कुटिया तक के मार्ग पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछाई गई थीं। संत प्रेमानंद उसी पुष्प-पथ पर चलते हुए अपनी कुटिया तक पहुंचे।
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“राधे-राधे” के जयकारों से गुंजा आश्रम
इस दौरान श्रद्धालुओं ने “राधे-राधे” के जयकारों से पूरे आश्रम परिसर को गुंजायमान कर दिया। गुलाब की पंखुड़ियों से सजे मार्ग और भक्तों की भक्ति से सराबोर वातावरण ने गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन को और भी दिव्य बना दिया। पूरे कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
