

श्मशान भूमि परिसर में भेड़-बकरियों के रहने से बढ़ी अव्यवस्था
बैठने की सीटों और पेड़-पौधों का रखरखाव प्रभावित
ग्रामीणों ने प्रशासन से निरीक्षण और ठोस कार्रवाई की मांग की
Cremation Ground Turns Sheep Shelter: गोवर्धन तहसील के अंतर्गत विकासखंड चौमुंहा के ग्राम पाली में श्मशान भूमि की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। जिस श्मशान भूमि पर लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने पहुंचते हैं, वहां भेड़-बकरियों का जमावड़ा लगा रहता है। मुख्य द्वार से लेकर परिसर के अंदर तक गंदगी फैली होने के कारण साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान भूमि की बाउंड्रीवॉल के अंदर भेड़-बकरियां रखी जा रही हैं। इससे परिसर में अव्यवस्था बनी रहती है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि श्मशान भूमि जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर स्वच्छता और सम्मानजनक वातावरण बनाए रखना जरूरी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, परिसर में लोगों के बैठने के लिए बनाई गई सीटों और पेड़-पौधों के आसपास भी उचित रखरखाव नहीं हो रहा है। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों को वहां रुकना पड़ता है। ऐसे में साफ-सफाई और बैठने की समुचित व्यवस्था आवश्यक है। श्मशान भूमि की स्थिति में सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम प्रधान की ओर से भेड़-बकरी पालकों को कई बार श्मशान भूमि के अंदर पशु नहीं रखने के लिए कहा गया है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर इस तरह की अव्यवस्था कब तक बनी रहेगी और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से श्मशान भूमि का स्थलीय निरीक्षण कराने, परिसर से पशुओं को हटवाने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही बैठने की व्यवस्था दुरुस्त कराने और सार्वजनिक संपत्ति की निगरानी बढ़ाने की जरूरत भी बताई है।
अब ग्रामीणों की निगाहें संबंधित जिम्मेदारों की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि ग्राम पाली की श्मशान भूमि को गंदगी और अव्यवस्था से मुक्त कराने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।