रामलला के दर्शन-आरती के समय और राग-भोग में बदलाव में बड़ा बदलाव, मंदिर जाने से पहले जानें ये अपडेट

Ayodhya में रामलला के दर्शन और आरती के समय में शरद ऋतु के आगमन के कारण बदलाव किया गया है। दोपहर में भोग के लिए मंदिर के कपाट एक घंटा बंद रहेंगे।
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प्रभु श्री राम, फोटो- सोशल मीडिया
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Ayodhya Ram Mandir Latest Update: अयोध्या के राम मंदिर में शरद ऋतु की शुरुआत के साथ ही रामलला के दर्शन व आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से नई समय सारिणी जारी की गई है। मंदिर के कपाट दोपहर में एक घंटे के लिए बंद रहेंगे।

शरद ऋतु के आगमन के साथ ही अयोध्या में रामलला के दर्शन अवधि में बदलाव किया गया है। यह बदलाव 23 अक्टूबर से लागू हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह नई समय सारिणी जारी की है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि शरद ऋतु के कारण दर्शन अवधि में संशोधन किया गया है।

अब क्या होगी नई समय-सारिणी?

नई समय सारिणी के अनुसार, मंगला आरती जो पहले सुबह 4 बजे होती थी, अब 4:30 बजे हो रही है। शृंगार आरती, जो पहले सुबह 6 बजे होती थी, अब 6:30 बजे हो रही है। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन मार्ग से प्रवेश 6:30 बजे से ही प्रारंभ हो जाता है, लेकिन दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू होते हैं। समय का बदलाव दोपहर में किया गया है।

दोपहर में एक घंटे का विश्राम

रामलला को दोपहर 12 बजे भोग अर्पित किया जाता है। भोग के समय दोपहर 12 बजे डी-वन से प्रवेश बंद कर दिया जाता है। इसके बाद, दोपहर 12:30 बजे से 1 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। इस दौरान दर्शन भी बंद रहता है। दर्शन पुनः दोपहर 1 बजे प्रारंभ होते हैं और यह क्रम रात 9 बजे तक जारी रहता है। रात 9 बजे डी-एक से प्रवेश बंद हो जाता है, और दर्शन रात 9:15 बजे समाप्त होते हैं। संध्या आरती शाम 7 बजे ही होती है। रात 9:30 बजे शयन आरती के साथ ही मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं। कुल मिलाकर दोपहर 12 से 1 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे।

ठंड से बचाने के लिए विशेष 'राग-भोग' व्यवस्था

शरद ऋतु के चलते रामलला के राग-भोग में भी बदलाव किया गया है। रामलला को ठंड न लगे, इसलिए उन्हें सुबह गुनगुने पानी से स्नान कराया जा रहा है। इसके अलावा, भोग में ड्राई फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा दी गई है। सर्दी और बढ़ने पर मंदिर ट्रस्ट रामलला को ठंड से बचाने के लिए रजाई ओढ़ाएगा और उन्हें ऊनी वस्त्र भी पहनाए जाएंगे।

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