दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

Medical Service Alert Festive Season:आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किया है। इस दौरान डॉक्टरों की ड्यूटी से लेकर दवाओं उपलब्धता रहेगी।
Cm Yogi Adityanath
सीएम योगी आदित्यनाथ सोर्स : सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

  • 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

  • दुर्घटनाओं से निपटने के लिए विशेष तैयारी

UP Medical colleges Alert Mode: प्रदेश सरकार त्योहारों के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरत रही है। इसको देखते हुए दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान संभावित दुर्घटनाओं, आग लगने की घटनाओं, सड़क हादसों और अन्य आपात परिस्थितियों को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों, संबद्ध चिकित्सालयों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।

सरकार की प्राथमिकता है कि त्योहारों के दौरान किसी भी नागरिक को आपात चिकित्सा सुविधा के लिए भटकना न पड़े और जरूरत पड़ने पर उसे तत्काल उपचार उपलब्ध हो।महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण नेहा शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

सभी मेडिकल कॉलेजों एवं संबद्ध चिकित्सालयों में इमरजेंसी विभाग,ट्रॉमा सेंटर,आईसीयू,बर्न यूनिट, एनेस्थीसिया, सर्जरी और ऑपरेशन थिएटर सहित सभी जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं चौबीसों घंटे क्रियाशील रखी जाएंगी। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यकतानुसार प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

मरीजों की गंभीरता के आधार पर उपचार की प्राथमिकता तय करने के साथ अतिरिक्त बेड और चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था भी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी होगी सुनिश्चित

त्योहार अवधि के लिए इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू, बर्न यूनिट, एनेस्थीसिया, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभागों के चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों, तकनीशियनों एवं अन्य कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाएगा।

ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था भी उपलब्ध रखा जाएगा। ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

दवाओं और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता पर जोर

सभी संबंधित विभागाध्यक्षों एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं, इंजेक्शन, ड्रेसिंग सामग्री, स्यूचर, प्लास्टर सामग्री तथा आपातकालीन उपचार किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली, वेंटिलेटर, मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और सक्शन मशीन सहित सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की जांच कराई जाएगी। ब्लड बैंक के साथ समन्वय कर ब्लड की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

Neha sharma, DG Medical Education UP
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक , नेहा शर्मा, अलर्ट मोड में अस्पताल (सोर्स : सोशल मीडिया)

आग और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए विशेष तैयारी

मेडिकल कॉलेजों के इमरजेंसी,आईसीयू,ऑपरेशन थिएटर,ऑक्सीजन प्लांट, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कराया जाएगा।

फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरणों और अन्य सुरक्षा प्रणालियों को चेक करने के साथ अस्पतालों के निकास मार्ग और सीढ़ियों को खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Cm Yogi Adityanath
कानपुर में अग्निशमन कर्मियों के साहस को सलाम, डीसीपी ने प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया जवानों का हौसला

सामूहिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे अस्पताल

मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय को अपनी आपदा प्रबंधन योजना की समीक्षा कर उसे तैयार रखने को कहा गया है। बड़ी संख्या में घायलों के एक साथ अस्पताल पहुंचने, सड़क दुर्घटना, आगजनी और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

ट्रायेज व्यवस्था के माध्यम से घायलों की गंभीरता के अनुसार उपचार की प्राथमिकता तय की जाएगी, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

Cm Yogi Adityanath
झांसी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, जूनियर छात्र बोले- रात में बिजली काटते, दरवाजे पीटते हैं सीनियर

नोडल अधिकारी करेंगे निगरानी, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

महानिदेशक नेहा शर्मा ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों, निदेशकों एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे व्यवस्थाओं समीक्षा करें।

आवश्यकता के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, जो ड्यूटी रोस्टर, संसाधनों की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।