झांसी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, जूनियर छात्र बोले- रात में बिजली काटते, दरवाजे पीटते हैं सीनियर

Jhansi Medical College Ragging: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में कथित रैगिंग का मामला सामने आया है। जूनियर छात्रों ने कहा कि कुछ सीनियर बिजली बंद कर देते और मारपीट करते हैं।
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झांसी मेडिकल कॉलेज में कथित रैगिंग का मामला सामने आया(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • जूनियर छात्रों ने लगाए रैगिंग के आरोप

  • सीनियर छात्रों पर रात में बिजली बंद करने, मारपीट के आरोप

  • कार्यवाहक प्रधानाचार्य बोले- शिकायत नहीं मिली

Maharani Laxmi Bai Medical College Ragging: झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सीवी रमन बॉयज हॉस्टल में कथित रैगिंग का मामला सामने आया है। साल 2026 बैच के जूनियर छात्रों ने कुछ सीनियर छात्रों पर देर रात परेशान करने, कमरों की बिजली बंद करने, दरवाजे पीटने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए हैं।

हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उसे अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद एंटी रैगिंग टीम को सक्रिय कर जांच शुरू कर दी गई है।

जूनियर छात्रों ने सीनियरों पर लगाए आरोप

जानकारी के अनुसार, सीवी रमन बॉयज हॉस्टल में रहने वाले वर्ष 2026 बैच के कुछ जूनियर छात्रों ने आरोप लगाया है कि सीनियर छात्र देर रात उनके कमरों के आसपास आकर उन्हें परेशान करते हैं। आरोप है कि कई बार कमरों की बिजली बंद कर दी जाती है और दरवाजों को जोर-जोर से पीटा जाता है। छात्रों ने मारपीट समेत अन्य तरीकों से परेशान किए जाने की भी बात कही है।

प्रशासन बोला- अब तक नहीं मिली शिकायत

मामले को लेकर नवभारत की टीम ने मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. सुधीर कुमार से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अब तक किसी छात्र या अन्य माध्यम से रैगिंग की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसी किसी भी घटना की शिकायत सीधे प्रधानाचार्य कार्यालय या एंटी रैगिंग सेल में कर सकते हैं।

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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज का सीवी रमन बॉयज हॉस्टल(सोर्स- नवभारत लाइव)
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एंटी रैगिंग टीम ने की जांच

डॉ. सुधीर कुमार के मुताबिक, मामले की जानकारी सामने आने के बाद एंटी रैगिंग टीम को सक्रिय किया गया और हॉस्टल की जांच कराई गई। हालांकि, शुरुआती जांच में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है।

उन्होंने बताया कि प्रथम वर्ष के छात्रों के रहने वाले हिस्से में प्रवेश व्यवस्था नियंत्रित है। वहां सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है।

दोबारा होगा हॉस्टल का निरीक्षण

कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रशासन की टीम एक बार फिर हॉस्टल का निरीक्षण करेगी। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या रैगिंग की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, कॉलेज प्रशासन के अनुसार, उसे कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। त्योहारों के चलते कई जूनियर छात्रों के हॉस्टल से बाहर होने की भी जानकारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग जैसे मामलों को लेकर शासन और संस्थान गंभीर हैं और किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

रिपोर्ट- आकाश साहू

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