घटनास्थल की तस्वीर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kaushambi Road Accident: उत्तर प्रदेश के कौशांबी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां संगम नगरी प्रयागराज में बच्चे का मुंडन कराकर घर वापस लौट रहे एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। कौशांबी के सैनी इलाके में एक तेज रफ्तार पिकअप सड़क किनारे खड़े कंटेनर से इतनी जोर से टकराई कि मौके पर ही 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 महिलाएं और 3 मासूम बच्चे शामिल हैं, जो हंसते-खेलते अपने घर लौट रहे थे।
हादसा इतना भयानक था कि टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के गांव वाले दहल उठे। जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां का मंजर देख सबकी रूह कांप गई। पिकअप के परखच्चे उड़ चुके थे और चारों तरफ चीख-पुकार मची थी। यह परिवार फतेहपुर जिले के जहानाबाद और बिंदकी का रहने वाला था। संगम पर मुंडन की रस्में पूरी करने के बाद सब बहुत खुश थे, लेकिन किसे पता था कि डोरमा गांव के पास नेशनल हाईवे पर मौत उनका इंतजार कर रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, वो वाकई डराने वाली है। बताया जा रहा है कि गाड़ी चला रहे ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई थी। इसी एक पल की लापरवाही ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया और तेज रफ्तार पिकअप सीधे खड़े कंटेनर में जा घुसी। खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को निकालने का काम शुरू किया।
घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत अभी भी बहुत गंभीर बनी हुई है। जैसे ही यह खबर मृतकों के गांव फतेहपुर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर खड़े ट्रकों और ड्राइवरों की थकान जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कौशाम्बी हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को तेजी से राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इसके साथ ही घायलों के समुचित इलाज का भरोसा भी दिया है।